
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और समुद्री इलाकों के आसपास नाकेबंदी लागू करने के लिए 15 से ज्यादा जंगी जहाज तैनात कर दिए हैं, इनमें USS त्रिपोली (LHA 7) जैसा जंगी शामिल है, जिसे अरब सागर में तैनात किया गया है. इस पर 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स F-35B लाइटनिंग II और MV-22 ospreys एयरक्राफ्ट तैनात किए गए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमान ( CENTCOM) ने कहा कि भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 7.30 बजे नाकाबंदी शुरू हुई. इसे अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी समेत ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या निकलने वाले सभी जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी. इसमें कहा गया है कि अमेरिकी सेना गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को नहीं रोकेगी.
USS Tripoli (LHA 7) conducts night flight operations while sailing in the Arabian Sea. Tripoli is designed without a traditional well deck, which allows for more F-35B Lightning II stealth fighters, MV-22 Ospreys, helicopters, and extra maintenance space. During peak operations,… pic.twitter.com/zjQO1nOcmK
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 13, 2026
सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, ‘USS त्रिपोली (LHA 7) अरब सागर में नौकायन करते हुए रात में पहरा दे रहे हैं. त्रिपोली को पारंपरिक वेल डेक के बिना डिजाइन किया गया है, जिससे अधिक F-35बी लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर जेट, MV-22 ospreys हेलीकॉप्टर तैनात हैं. यह युद्ध जैसे समय में 20 से ज्यादा F-35B फाइटर जेट्स को तैनात कर सकता है.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चेतावनी दी कि नाकाबंदी के पास आने वाले किसी भी ईरानी हमलावर जहाज को तुरंत तबाह कर दिया जाएगा. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान की नौसेना का अधिकांश हिस्सा पहले ही नष्ट हो चुका है.
ट्रंप ने पोस्ट कर कहा, ‘ईरान की नौसेना समुद्र की तलहटी में पड़ी है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है- 158 जहाज. हमने उनके उन कुछ जहाजों को निशाना नहीं बनाया है जिन्हें वे ‘तेज़ हमलावर जहाज’ कहते हैं क्योंकि हमने उन्हें कोई बड़ा खतरा नहीं समझा. चेतावनी: यदि इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा, उसी तरीके से जैसे हम समुद्र में नावों पर सवार ड्रग डीलरों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं. यह त्वरित और क्रूर कार्रवाई है. समुद्र या महासागर के रास्ते अमेरिका में आने वाली 98.2% ड्रग्स रोक दी गई हैं!’
अमेरिका की ओर से ये नाकाबंदी पाकिस्तान में हुई बातचीत के फेल होने के बाद की गई है. उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर समेत डेलीगेशन इस्लामाबाद गया था, लेकिन कोई डील करने में सफल नहीं हुआ. इसके बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करेगा.

