उत्तर-पश्चिम में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वी हिस्से तक हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ जगहों पर भारी हिमपात दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे और तेज हवाएं चलीं। उत्तर के पहाड़ी इलाकों और उससे सटे मैदानी क्षेत्रों में 10 अप्रैल तक मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस समय पाकिस्तान और पंजाब के आसपास ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है, जिसके साथ एक कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है।
इसके अलावा देश के कई हिस्सों में चक्रवाती हवाएं चल रही हैं जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है।
आंधी और बिजली गिरने की संभावनाएं तेज
इसी के साथ मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर लगभग 80 समुद्री मील की गति से बह रही ठंडी हवाएं इन सभी प्रणालियों को और मजबूत कर रही है, जिससे तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सोमवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और घाटी व मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गंगा के मैदानी इलाकों में 30-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश दर्ज की गई।
जम्मू-कश्मीर में आज भूस्खलन की चेतावनी
जम्मू-कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी हुई और शोपियां और कुलगाम सहित कुछ इलाकों में ओले पड़े। शोपियां का अहारबल क्षेत्र ओलावृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित रहा। केंद्र शासित प्रदेश में सुबह से ही बादल छाए रहे। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में सूरज नहीं निकला। इससे मौसम खुशगवार रहा और ठंडी हवा चलती रही। मौसम विभाग के अनुसार 16 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। मंगलवार और बुधवार को मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और कुछ जगह आंधी, संवेदनशील स्थानों पर हिमस्खलन और भूस्खलन की भी आशंका जताई गई है।