अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कई लोग SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में निवेश करते हैं. ये एक लंबे समय का निवेश होता है, जो बेहद आसान होता है. ये पैसे जोड़ने का सबसे आसान तरीका होता है. इसमें निवेशक हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में लगाता है. इससे हर महीने अलग से निवेश करने का फैसला लेने की जरूरत नहीं पड़ती.
नौकरीपेशा लोगों के लिए SIP शुरू करना काफी आसान होता है. हर महीने एक तय तारीख पर बैंक खाते से पैसे अपने आप कट जाते हैं. कई लोग SIP की तारीख अपनी सैलरी आने की तारीख के आसपास रखते हैं, ताकि पहले निवेश हो जाए और उसके बाद बाकी खर्च किए जा सकें. क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपकी सैलरी बंद हो जाए तब क्या होगा?
कमाई बंद होने पर कैसे करें निवेश?
मान लीजिए अगर नौकरी चली जाए, करियर ब्रेक लेना पड़े या कुछ समय के लिए पैसों की कमी हो जाए, तो हर महीने SIP की रकम जमा करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे समय में उसी रकम की SIP जारी रखना जरूरी नहीं है. सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि SIP कोई अलग निवेश प्रोडक्ट नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका है.
अगर किसी महीने SIP की किस्त नहीं भर पाते हैं, तो पहले से लगाया हुआ पैसा खत्म नहीं होता. वो पैसा म्यूचुअल फंड में ही निवेशित रहता है.
कब तक छोड़ सकते हैं किस्त?
भारत में ज्यादातर म्यूचुअल फंड कंपनियां आमतौर पर लगातार करीब 3 महीने तक SIP की किस्त नहीं आने पर SIP को बंद कर देती हैं. आमतौर पर इसके लिए कोई अलग जुर्माना नहीं लगता. यानी अगर कुछ समय तक बैंक खाते में पैसे नहीं हैं और SIP की किस्त नहीं कटती है, तो तय अवधि के बाद SIP बंद हो सकती है.
SIP बंद करने पर बंद हो जाएगा निवेश?
अगर किसी भी वजह से SIP बंद हो जाती है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपका पहले से निवेश किया हुआ पैसा भी निकल जाएगा. अब तक जितना पैसा आपने म्यूचुअल फंड में लगाया है, वो फंड में ही बना रहेगा और फंड के प्रदर्शन के हिसाब से उसकी वैल्यू बढ़ या घट सकती है. अगर बाद में आप दोबारा हर महीने निवेश शुरू करना चाहते हैं, तो आपको नई SIP शुरू करनी पड़ सकती है. इस तरह पुराना निवेश फंड में बना रहता है, जबकि आगे की नियमित किस्तों के लिए नई SIP शुरू की जाती है.
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