अगर आप इस साल नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपके पास स्क्रैप करने के लिए कोई पुरानी गाड़ी नहीं है, तब भी आप हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आपको सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) खरीदना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को किसी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) में स्क्रैप कराता है, तो उसे एक CoD जारी किया जाता है। सरकार ने इस सर्टिफिकेट को ट्रांसफर योग्य बनाया है। यानी आप इसे उस व्यक्ति से खरीद सकते हैं जिसने हाल ही में अपनी गाड़ी स्क्रैप कराई है और नई कार खरीदते समय रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, रोड टैक्स में राहत और कार कंपनियों से अतिरिक्त डिस्काउंट पा सकते हैं।
CoD की खरीद-बिक्री कैसे होती है और इस समय इसकी क्या कीमत चल रही है?
CoD की मांग बढ़ने से बाजार में इसकी ट्रेडिंग का एक सेकेंडरी मार्केट तैयार हो गया है।
- आधिकारिक प्लेटफॉर्म: सरकार के DigiELV प्लेटफॉर्म के माध्यम से CoD की आधिकारिक खरीद-बिक्री की जाती है, जो सीधे VAHAN सिस्टम से जुड़ा हुआ है।
- डीलर व अन्य नेटवर्क: आधिकारिक प्लेटफॉर्म के अलावा कार डीलरों और अनौपचारिक नेटवर्कों के जरिए भी यह प्रमाण पत्र खरीदा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न छापने की शर्त पर एक कार डीलर ने बताया, “यदि आप इस साल नई कार खरीद रहे हैं, तो CoD के जरिए कुल कीमत पर 10 से 12 प्रतिशत तक की छूट का लाभ उठाया जा सकता है। कई जगहों पर यह डिपॉजिट सर्टिफिकेट 20,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है।”
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर 2025 तक DigiELV प्लेटफॉर्म पर 71,196 CoD सौदे दर्ज किए गए थे। इनमें से 69,390 सौदे नॉन-ट्रांसपोर्ट/पैसेंजर गाड़ियों (LMVs) के थे, जिनकी औसत ट्रेडिंग कीमत 10,814 रुपये रही। वहीं सभी श्रेणियों को मिलाकर औसत ट्रेडिंग कीमत 10,634 रुपये रही।
CoD के जरिए नई कार पर कौन-कौन सी छूट मिलती हैं?
केंद्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत नई गाड़ी खरीदते समय तीन प्रमुख मोर्चों पर वित्तीय लाभ मिलता है:
- रजिस्ट्रेशन फीस की छूट: नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में छूट मिलती है।
- मोटर वाहन टैक्स (रोड टैक्स) में छूट: राज्य के नियमों के अधीन नॉन-ट्रांसपोर्ट (निजी) वाहनों पर 25 प्रतिशत तक और ट्रांसपोर्ट (व्यावसायिक) वाहनों पर 15 प्रतिशत तक रोड टैक्स में छूट दी जा सकती है।
- मैन्युफैक्चरर डिस्काउंट: लगभग 98 प्रतिशत भारतीय ऑटो बाजार को कवर करने वाली पैसेंजर वाहन कंपनियों ने एक्स-शोरूम कीमत का 1.5 प्रतिशत या अधिकतम 20,000 रुपये तक का अतिरिक्त डिस्काउंट देने पर सहमति जताई है। वहीं लक्जरी ब्रांड मर्सिडीज-बेंज 25,000 रुपये का डिस्काउंट देती है।
गणित के हिसाब से क्या CoD खरीदना वास्तव में फायदे का सौदा है?
इसे एक आसान गणितीय उदाहरण से समझा जा सकता है:
मान लीजिए आप 10 लाख रुपये की नई कार खरीद रहे हैं। और आपने किसी से 10,000 रुपये में CoD खरीदा:
| बचत और खर्च का विवरण | राशि (रुपये में) |
| रजिस्ट्रेशन फीस में बचत | ₹1,000 |
| मोटर व्हीकल (रोड) टैक्स में बचत | ₹20,000 |
| कार निर्माता कंपनी से डिस्काउंट | ₹15,000 |
| कुल मिलाकर हुआ लाभ | ₹36,000 |
| माइनस: CoD खरीदने की लागत | – ₹10,000 |
| आपकी शुद्ध बचत | ₹26,000 |
CoD का इस्तेमाल करते समय किस मुख्य बात का ध्यान रखना जरूरी है?
नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि रोड टैक्स और अन्य कर छूट सभी राज्यों में एक समान नहीं हैं। प्रत्येक राज्य सरकार की अपनी नीतियां हैं। ऐसे में CoD खरीदने से मिलने वाली वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि आप किस राज्य में रहते हैं, कौन सा वाहन खरीद रहे हैं और कार निर्माता कंपनी उस मॉडल पर कितना डिस्काउंट दे रही है। इसलिए CoD खरीदने से पहले अपने स्थानीय आरटीओ नियमों और डीलर से मिलने वाली छूट की पुष्टि जरूर कर लें।

