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भारत पर टैरिफ से अमेरिकी नाराज! ट्रंप पर सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों और बढ़ती महंगाई को लेकर बड़ी संख्या में अमेरिकी उनसे नाखुश हैं. भारत जैसे देशों पर टैरिफ लगाए जाने से भी जनता ट्रंप से नाराज है. AP-NORC के ताजा सर्वे में लोगों ने महंगाई, अर्थव्यवस्था और व्यापार नीति को लेकर ट्रंप के कामकाज पर सवाल उठाए हैं. सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 30 फीसदी अमेरिकी ट्रंप के कुल कामकाज को सही मानते हैं. अर्थव्यवस्था संभालने के मामले में उनकी अप्रूवल रेटिंग 26 फीसदी और रहने के बढ़ते खर्च से निपटने के मामले में सिर्फ 17 फीसदी है.

सर्वे में 65 फीसदी अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि सामान्य से ज्यादा कीमतें ट्रंप की नीतियों का नतीजा हैं. हालांकि, रिपब्लिकन मतदाताओं की राय अलग है. 67 फीसदी रिपब्लिकन का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों की वजहें राष्ट्रपति के नियंत्रण से बाहर हैं. AP-NORC के मुताबिक, अक्टूबर 2022 में जब जो बाइडेन राष्ट्रपति थे, तब 44 फीसदी अमेरिकी मानते थे कि सामान्य से ज्यादा कीमतें उनकी नीतियों की वजह से थीं. उस समय 87 फीसदी डेमोक्रेट्स का कहना था कि बढ़ी कीमतें राष्ट्रपति के नियंत्रण से बाहर थीं.

महंगाई पर ट्रंप उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे

अमेरिका में रहने के बढ़ते खर्च के मुद्दे पर भी ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. 69 फीसदी अमेरिकी वयस्कों का कहना है कि इस मामले में ट्रंप का प्रदर्शन उनकी उम्मीद से खराब रहा. इसमें 52 फीसदी रिपब्लिकन भी शामिल हैं. सर्वे में यह भी सामने आया कि आधे से ज्यादा अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद देश, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और उनकी स्थानीय अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है. 46 फीसदी लोगों का कहना है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से उनकी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब हुई है.

देश गलत दिशा में जा रहा है

सर्वे में अमेरिका की मौजूदा दिशा को लेकर भी लोगों में चिंता दिखाई दी. कुल 73 फीसदी अमेरिकी वयस्कों का कहना है कि देश गलत दिशा में जा रहा है. इनमें 92 फीसदी डेमोक्रेट और 47 फीसदी रिपब्लिकन शामिल हैं. ट्रंप की व्यापार नीति को लेकर भी अमेरिकी जनता की राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है. 68 फीसदी लोगों ने दूसरे देशों के साथ उनकी व्यापार वार्ता को लेकर असंतोष जताया. 58 फीसदी लोगों का कहना है कि उनके दूसरे कार्यकाल में व्यापार के मामले में ट्रंप का प्रदर्शन उम्मीद से खराब रहा है. इसके अलावा 64 फीसदी अमेरिकी मानते हैं कि भारत जैसे दूसरे देशों पर नए टैरिफ लगाने में ट्रंप जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गए हैं.

इमिग्रेशन पर ट्रंप को थोड़ी बेहतर रेटिंग

इमिग्रेशन ऐसा मुद्दा है जहां ट्रंप की स्थिति बाकी मुद्दों के मुकाबले थोड़ी बेहतर है. सर्वे में 39% लोगों ने इमिग्रेशन संभालने के उनके तरीके को मंजूरी दी. हालांकि, 48 फीसदी लोगों का कहना है कि इस मामले में ट्रंप का प्रदर्शन उनकी उम्मीद से खराब रहा, जबकि 23 फीसदी ने इसे उम्मीद से बेहतर बताया.

कनाडा को करीबी सहयोगी मानने वालों की संख्या घटी

सर्वे में अमेरिका और कनाडा के रिश्तों को लेकर भी बदलाव देखने को मिला. तीन साल पहले 62 फीसदी अमेरिकी कनाडा को अमेरिका का करीबी सहयोगी मानते थे. मार्च 2025 में यह आंकड़ा 45 फीसदी था. अब सिर्फ 26 फीसदी लोग कनाडा को करीबी सहयोगी मानते हैं. 35 फीसदी लोगों का कहना है कि अमेरिका और कनाडा के बीच दोस्ताना संबंध हैं, लेकिन दोनों करीबी सहयोगी नहीं हैं. 30 फीसदी लोगों ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते दोस्ताना नहीं हैं, लेकिन वे एक-दूसरे के दुश्मन भी नहीं हैं.

ईरान नीति से 71 फीसदी अमेरिकी असंतुष्ट

ईरान के मामले में भी ट्रंप को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. 71 फीसदी अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि वे ईरान को लेकर ट्रंप के तरीके से असहमत हैं. वहीं 69 फीसदी लोगों का कहना है कि ईरान में युद्ध लड़ना सही नहीं था. सर्वे में ट्रंप के चुनावी वादों को लेकर भी लोगों की राय सामने आई. सिर्फ 17 फीसदी अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप अपने वादे पूरे करते हैं. इनमें डेमोक्रेट्स के सिर्फ 4 फीसदी और रिपब्लिकन के 36 फीसदी लोग शामिल हैं. 87 फीसदी डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप अपने वादे पूरे नहीं करते. रिपब्लिकन में 48 फीसदी लोगों का कहना है कि ट्रंप वादे पूरा करने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन सफल नहीं हो पाते.

2,140 लोगों के बीच हुआ सर्वे

AP-NORC का यह सर्वे 24 से 28 सितंबर 2026 के बीच किया गया. इसमें अमेरिका के 2,140 वयस्कों से ऑनलाइन और फोन के जरिए सवाल पूछे गए. सर्वे NORC के AmeriSpeak पैनल के जरिए किया गया और इसमें सैंपलिंग की गलती की सीमा प्लस या माइनस 2.9 फीसदी अंक है.

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