3 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद से ही संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रविवार रातभर थाने के बाहर डेरा डाले रखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सोमवार सुबह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों वहां से हटाना शुरू किया और कई प्रदर्नकारियों को हिरासत में लिया।
सीजेपी ने की एफआईआर की मांग
महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संस्थापक सौरभ दास और रतना दास रविवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर एसीपी विवेक भगत को बचाने और एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को सोमवार दोपहर 12 बजे तक एफआईआर दर्ज करने का समय दिया।
संसद मार्ग थाने पर ‘आप’ का प्रदर्शन
महिला पत्रकारों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को संसद मार्ग थाने के बाहर आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आम लोगों की शिकायत पर पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करती है, लेकिन पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत होने पर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार ने भी शिकायत के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई और एसीपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।


