साल 2015 में अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ ने दर्शकों को एक ऐसी कहानी दिखाई, जिसमें रोमांच के साथ-साथ परिवार को बचाने की जद्दोजहद भी देखने को मिली। फिल्म में विजय सालगांवकर के किरदार ने अपनी समझदारी से पुलिस को ऐसा चकमा दिया कि हर कोई हैरान रह गया। इसके बाद साल 2022 में फिल्म का दूसरा पार्ट ‘दृश्यम 2’ आया, जिसमें विजय की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गईं।
अब करीब 9 साल बाद ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ के साथ यह कहानी अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचने वाली है। ऐसे में अगर आपको पहली दोनों फिल्मों की कहानी ठीक से याद नहीं है, तो आइए एक बार फिर जान लेते हैं कि विजय सालगांवकर और उसके परिवार के साथ आखिर क्या हुआ था।
‘दृश्यम 1’ में क्या हुआ था?
पहली फिल्म की कहानी गोवा में रहने वाले विजय सालगांवकर और उसके परिवार की है। विजय एक केबल ऑपरेटर है और अपनी पत्नी नंदिनी और दो बेटियों के साथ एक नॉर्मल जिंदगी जी रहा है। उसकी बड़ी बेटी अंजू से गलती से पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख के बेटे सैम की मौत हो जाती है।
इसके बाद विजय अपनी बेटी और परिवार को बचाने का फैसला करता है। वह पुलिस से बचने के लिए एक ऐसी कहानी तैयार करता है, जिसे सच साबित करना आसान हो। विजय सैम की लाश को ठिकाने लगाकर उसे बन रहे नए पुलिस स्टेशन के नीचे दफना देता है।


