लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की जांच में करीब 30 से 40 छात्र पुलिस की जांच के घेरे में हैं। पुलिस इनकी हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी में भूमिका की जांच कर रही है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फरहत देव को घटनाक्रम का मास्टर माइंड माना जा रहा है। हिंसा वाले दिन फरहत के गुरुग्राम से एलपीयू पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उसकी भूमिका और कैंपस में मौजूदगी की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने अब तक चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है।
फरहत करीब दो साल पहले एलपीयू से पढ़ाई पूरी कर चुका है। छात्रा रम्या मिश्रा ने उस पर डीएसडब्ल्यू कार्यालय में तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप लगाया है। फरहत ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा है कि वह भीड़ को रोकने के लिए कार्यालय में गया था। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों को सीसीटीवी और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है।
यूनिमॉल में लूट का दावा, 300 लैपटॉप और 118 आईफोन ले जाने का आरोप
एलपीयू में बवाल के दौरान यूनिमॉल में आगजनी और तोड़फोड़ के साथ बड़ी लूटपाट का दावा सामने आया है। यूनिमॉल में लैपटॉप और मोबाइल की दुकान चलाने वाले युवक के मुताबिक, उपद्रवी उसकी दुकान से करीब 300 लैपटॉप और आईफोन-17 सीरीज के 118 मोबाइल फोन ले गए। दुकानदार ने नुकसान का अनुमान करीब 14 करोड़ रुपये बताया है। दुकानदार का आरोप है कि लूटपाट में लॉ गेट इलाके के युवक शामिल थे।