भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 242.65 अंक गिरकर 72,529.07 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 64.05 अंक फिसलकर 22,716.20 पर बंद हुआ।दिन के निचले स्तरों से भारतीय शेयर बाजार में कुछ सुधार देखा गया। हालांकि, बढ़ती तेल कीमतों ने पश्चिम एशिया में आपूर्ति की बाधाओं से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दीं। इससे बाजार पर दबाव बना रहा और यह नीचे ही बंद हुआ। क्षेत्रीय धारणा मिली-जुली रही, कई प्रमुख खंडों में व्यापक कमजोरी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में सबसे अधिक बिकवाली का दबाव रहा।
रियल एस्टेट, रसायन, ऑटो और एफएमसीजी भी कमजोर बने रहे। फार्मा, धातु, मीडिया और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। मझोले शेयर भी मजबूती दिखा रहे थे। वित्तीय सेवाएं दबाव में रहीं, जबकि बैंकिंग क्षेत्र अपेक्षाकृत लचीला रहा। कुल मिलाकर, रक्षात्मक और कमोडिटी से जुड़े क्षेत्रों ने बाजार को सहारा दिया।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण क्या रहे?
बाजार में गिरावट के कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। ईरान-अमेरिका शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से निवेशकों में निराशा बढ़ी। तेल की कीमतें बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा। बॉन्ड प्रतिफल में उछाल भी एक महत्वपूर्ण कारक रहा। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.98 पर बंद हुआ, जो दो महीने का निचला स्तर है।
किन अन्य कारकों ने बाजार को प्रभावित किया?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी तेज होने से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी भारतीय बाजारों को प्रभावित किया। निफ्टी की मासिक एक्सपायरी भी गिरावट का एक कारण बनी। इन सभी कारकों के संयुक्त प्रभाव से बाजार में कमजोरी देखी गई।

