तमिलनाडु के एक छोटे से गांव के कृषि परिवार से निकलकर एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचना बरानिका इलांगोवन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। शुक्रवार को नागोया में जब उन्होंने महिला पोल वॉल्ट में 4.15 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता, तो वह सिर्फ उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक नहीं थी, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास का भी नया अध्याय था। बरानिका एशियन गेम्स में पोल वॉल्ट पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं।
29 वर्षीय बरानिका ने कजाखस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ कांस्य साझा किया। दोनों ने 4.15 मीटर की समान ऊंचाई पार की और उनके सफल प्रयासों का रिकॉर्ड भी एक जैसा रहा। ऐसे में दोनों को अलग नहीं किया जा सका और दोनों को संयुक्त रूप से कांस्य पदक मिला। लेकिन बरानिका के लिए यह पदक केवल एक प्रतियोगिता का नतीजा नहीं है। इसके पीछे कई वर्षों की मेहनत, असफलताओं से उबरने और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कहानी है।


