How Often to Change Sanitary Pad: काम की बात सीरीज में आज बात पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई और सैनिटरी पैड बदलने के सही समय की करेंगे. खासकर जो लड़कियां पहली बार पीरियड्स का सामना कर रही हैं, उनके मन में अक्सर यह सवाल होता है कि सैनिटरी पैड कितनी देर तक इस्तेमाल करना चाहिए. कई बार स्कूल, कॉलेज या बाहर होने की वजह से लड़कियां पैड बदलने में देर कर देती हैं.
लेकिन लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करना आरामदायक नहीं होता और हाइजीन के लिहाज से भी इसे टालना ठीक नहीं है. इसलिए पीरियड्स के दौरान पैड को समय-समय पर बदलते रहना जरूरी है. आज की काम की बात में जानिए, सैनिटरी पैड कितने घंटे में बदलना चाहिए, ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या ध्यान (How Often to Change Sanitary Pad) रखें और इस्तेमाल किए गए पैड को सही तरीके से कैसे डिस्पोज करें.
पैड कितने घंटे में बदलना चाहिए?
आमतौर पर डिस्पोजेबल सैनिटरी पैड को हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए. UNICEF के अनुसार पैड को अधिकतम 4 से 6 घंटे इस्तेमाल करने के बाद बदल देना चाहिए. हालांकि, पैड बदलने का समय पीरियड फ्लो और पैड के भरने पर भी निर्भर करता है. अगर पैड इससे पहले ही भर गया है, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए.
क्या ज्यादा ब्लीडिंग होने पर पैड जल्दी बदलना चाहिए?
नहीं. अगर ब्लीडिंग ज्यादा है और पैड जल्दी भर रहा है, तो उसे 4 घंटे पूरे होने से पहले ही बदल देना चाहिए. पैड लीक होने लगे, बहुत गीला महसूस हो या असहजता हो, तब भी इसे बदल देना बेहतर है. NHS के मुताबिक अगर किसी को हर 1 से 2 घंटे में पैड बदलने की जरूरत पड़ रही है, तो यह बहुत ज्यादा ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है.
क्या स्कूल या कॉलेज में भी समय पर पैड बदलना जरूरी है?
बाहर होने पर भी पैड बदलने में ज्यादा देर नहीं करनी चाहिए. UNICEF की सलाह के मुताबिक जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पैड अपने बैग में रखना उपयोगी है. लंबे समय तक बाहर रहने वाली लड़कियां एक छोटी पाउच में कुछ अतिरिक्त पैड और जरूरी सामान रख सकती हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से पैड बदला जा सके.

पैड बदलने से पहले और बाद में हाथ धोना क्यों जरूरी है?
पैड बदलने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोना पीरियड हाइजीन का जरूरी हिस्सा है. UNICEF भी सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने से पहले हाथ धोने की सलाह देता है. निजी अंगों की सफाई के लिए सामान्य पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर किसी प्रोडक्ट से जलन होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद करना बेहतर है.

यह भी पढ़ें: फ्रिज को समझ लिया है हर चीज का ठिकाना? इन 6 चीजों को अंदर रखना पड़ सकता है भारी
इस्तेमाल किए हुए पैड को कैसे फेंकना चाहिए?
इस्तेमाल किए हुए डिस्पोजेबल पैड को पेपर या उसके रैपर में अच्छी तरह लपेटकर डस्टबिन में डालना चाहिए. इसे टॉयलेट में फ्लश नहीं करना चाहिए. UNICEF भी इस्तेमाल किए हुए पैड को अच्छी तरह लपेटकर कूड़ेदान में डालने की सलाह देता है.
रात में पैड को लेकर क्या सावधानी रखनी चाहिए?
रात में इस्तेमाल के लिए अपनी जरूरत और फ्लो के हिसाब से सही अब्जॉर्बेंसी वाला पैड चुनना बेहतर है. अगर रात में पैड भर जाए, लीक होने लगे या असहज महसूस हो, तो उसे बदलना चाहिए. NHS की जानकारी के मुताबिक पैड को नियमित रूप से बदलना जरूरी है और यह कितनी बार बदलना है, यह फ्लो पर निर्भर करता है.
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर ब्लीडिंग इतनी ज्यादा हो कि बार-बार पैड बदलना पड़े, बहुत ज्यादा दर्द हो या पीरियड्स से जुड़ी कोई परेशानी लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. NHS इन लक्षणों को heavy periods के संकेतों में शामिल करता है.
यह भी पढ़ें: धोने के बाद तौलिया हो जाता है खुरदरा? इन आसान तरीकों से रखें उसे हमेशा सॉफ्ट
The post पीरियड्स में कितने घंटे में बदलना चाहिए सैनिटरी पैड? जानें सही तरीका appeared first on Prabhat Khabar.

