दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सेना के हमले जारी हैं. इसमें आइता अल-जबल और जवतार अल-शर्किया के अंदर और आस-पास के इलाकों में गोलाबारी भी शामिल है. ये जानकारी अल जजीरा की एक रिपोर्ट में दी गई है.
इजरायली सेना (IDF) ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हिजबुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह किया गया है. उन्होंने बताया कि ये हमला सिक्योरिटी जोन में हिजबुल्लाह के एक विस्फोटक उपकरण के जवाब में किया गया था, जिससे IDF के इंजीनियरिंग वाहन में सवार 2 सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए थे.
IDF के मुताबिक जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया है, उनमें ऑब्जर्वेशन पोस्ट और वह इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल था, जहां से हिज़्बुल्लाह के आतंकवादी IDF सैनिकों पर हमले की योजना बनाते और उन्हें अंजाम देते थे.
हिज़्बुल्लाह के ठिकाने को बनाया निशाना
IDF ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि दक्षिणी लेबनान के सिक्योरिटी ज़ोन में हिजबुल्लाह के आतंकवादियों का एक ठिकाना, जिसमें एक सुरंग का शाफ़्ट और इस्तेमाल के लिए तैयार रॉकेट लॉन्चर मौजूद थे, उसे भी ध्वस्त किया गया है. इन लॉन्चरों में इजरायल की ओर निशाना साधे हुए 32 रॉकेट थे, जिन्हें युद्धविराम समझौता लागू होने से पहले ही उस इलाके में छोड़ दिया गया था.
हमास की मिलिट्री विंग का कमांडर ढेर
इजरायली सेना की ओर से बताया गया कि हमास की मिलिट्री विंग के कमांडर मुहम्मद सुलेमान ब्यौक को भी खत्म कर दिया गया है. ये आतंकवादी 7 अक्टूबर के नरसंहार के दौरान इजरायल में घुस आया था. उसने IDF सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए पूरे गाजा में विस्फोटक उपकरण लगाने का काम किया था. इजरायली सेना के मुताबिक उसने इजरायली नागरिकों और IDF सैनिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई और उन्हें आगे बढ़ाया.
इजरायली सेना ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की खुफिया जानकारी के आधार पर हम यह बता सकते हैं कि राफाह ब्रिगेड का कमांडर नायेल अबू ओबेद, जिसे इस हफ़्ते गाजा में मार गिराया गया था, वो इजरायली नागरिकों और IDF सैनिकों को अगवा करने और सालों तक बंधक बनाकर रखने में शामिल था.
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