ईंधन बिक्री का मार्जिन सीमित और निर्धारित होता है, जिससे परिचालन खर्चों को ही संतुलित करना चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में यूपीआई या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर अतिरिक्त शुल्क लगने की स्थिति में कारोबारियों का आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा।

पेट्रोल-डीजल खरीदना पड़ेगा महंगा?
– फोटो : अमर उजाला


