कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध से ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनकर निकलना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि कनाडा अमेरिका के साथ जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा। वह सही परिस्थितियों का इंतजार करने को तैयार है।
टोरंटो में कनाडा निवेश सम्मेलन में दुनियाभर से आए सैकड़ों निवेशक मौजूद थे। कार्नी ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा, मैं अपने अमेरिकी दोस्तों से कहना चाहता हूं। हम हमेशा पड़ोसी रहेंगे। लेकिन दोनों देशों के बीच संबंध तभी बेहतर तरीके से काम करते हैं, जब दोनों एक-दूसरे के साथ सच्चे साझेदार की तरह व्यवहार करें। दोनों देशों को एक-दूसरे की परंपराओं और संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
कार्नी ने कहा, जब वे अवसर फिर लौटेंगे, तब कनाडा और भी बेहतर साझेदार होगा। ज्यादा मजबूत होगा। ज्यादा सक्षम होगा और ज्यादा स्वतंत्र होगा।
कार्नी ने एक और योजना की घोषणा की। कनाडा अपने चार सबसे बड़े हवाई अड्डों को लंबे समय के लिए निजी कंपनियों को चलाने के लिए देने की योजना बना रहा है। हालांकि, जमीन और संपत्तियों का मालिकाना हक सरकार के पास ही रहेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से दसियों अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। इस पैसे को परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में फिर से लगाया जाएगा।
इसके बाद कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना उनकी व्यापार नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने दुनिया के देशों के बीच बढ़ती ऐसी सोच की आलोचना की, जिसमें रिश्तों से ज्यादा सौदों को महत्व दिया जा रहा है। इसमें एक देश के फायदे को दोनों देशों के फायदे से ज्यादा अहम माना जा रहा है।
कार्नी ने कहा, एक भरोसेमंद और पहले से तय तरीके से काम करने वाले साझेदार के रूप में हमारी पहचान की अहमियत शायद ही कभी इतनी ज्यादा रही हो। उन्होंने कहा कि आज ऐसी दुनिया है, जहां रिश्तों की जगह सौदे ले रहे हैं। जहां दोनों के फायदे वाली सोच के बजाय एक की जीत को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।
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कार्नी ने कहा कि देशों के बीच बढ़ते कारोबार और अपने देश को अपने हिसाब से चलाने के अधिकार के बीच तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो देश अपनी आजादी बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें समान सोच वाले देशों के साथ मिलकर ज्यादा काम करना होगा। कार्नी मंगलवार को यूरोप के लिए रवाना होंगे। वहां वह यूरोपीय संसद को संबोधित करेंगे।
ट्रंप लगातार व्यापारिक साझेदार देशों पर दबाव बनाने के लिए आयात शुल्क (टैरिफ) का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने कंपनियों से कनाडा की जगह अमेरिका में उत्पादन बनाने और निवेश बढ़ाने के लिए भी दबाव डाला है। ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कर चुके हैं। इन बयानों से दोनों पुराने सहयोगी देशों के बीच संबंध और तनावपूर्ण हुए हैं। हालांकि, कार्नी ने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाला करीब 80 प्रतिशत व्यापार अब भी टैरिफ से मुक्त है।
कार्नी ने कहा, दोनों देशों के लिए फायदेमंद समझौता हो सकता है। अपने भाषण के बाद एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, जब ऐसा समझौता करने का सही समय आएगा, हम इसके लिए तैयार रहेंगे।
पिछले महीने कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता टूट गई थी। इसके बाद अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई की थी।
