विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को निमंत्रण, पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम की घोषणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात समेत ओमान के तट के पास हुए वाणिज्यिक जहाज पर हमले को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया।

तारिक रहमान को दिए गए थे दो निमंत्रण
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को निमंत्रण भेजे जाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने उन्हें द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी निमंत्रण दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह बांग्लादेशी प्रधानमंत्री को भारत की ओर से दो अलग-अलग निमंत्रण मिले थे। पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा ब्रिक्स सम्मेलन में BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर भाग लेने के लिए था।
मसूद अजहर पर इनाम को लेकर पाकिस्तान पर निशाना
पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया। जायसवाल ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान की ऐसी कवायद और दिखावे पहले भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से इस तरह की घोषणाएं खोखली हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को केवल घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी घोषणाओं का अंततः कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
#WATCH | Delhi | On Pakistan announcing a reward of PKR 70 lakh on Jaish-e-Mohammed (JeM) chief Masood Azhar, MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Such gimmicks and attempts at hoodwinking people by Pakistan are nothing new. We have seen similar gimmicks in the past… pic.twitter.com/DgmYcYaPk1
— ANI (@ANI) September 15, 2026
पीएम मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर क्या बोला भारत?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई द्विपक्षीय बैठक पर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। जायसवाल ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और भारत की चिंताओं को भी प्रधानमंत्री मोदी ने सामने रखा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे के मूल हितों से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। भारत ने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक हित और पारस्परिक संवेदनशीलता के तीन सिद्धांतों पर जोर दिया।
ओमान के तट के पास जहाज पर हमला, 13 भारतीय सुरक्षित
ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह पनामा के झंडे वाला जहाज था और उस पर 14 भारतीय नागरिक/नाविक सवार थे। जायसवाल के मुताबिक, इनमें से 13 भारतीयों को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी लापता है। ओमानी अधिकारियों की मदद से उसकी तलाश और बचाव अभियान जारी है। भारतीय दूतावास भी ओमानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के सुरक्षित प्रवाह को जल्द बहाल करने की अपील की।
रूस के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाना चाहता है भारत
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग जारी है। इसमें परमाणु ऊर्जा का क्षेत्र भी शामिल है। उन्होंने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग की सफल मिसाल बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत रूस के साथ ऊर्जा सहयोग को आगे और मजबूत एवं विस्तारित करना चाहता है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और तकनीकी टीमें सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर लगातार चर्चा कर रही हैं।
रूस से तेल खरीद पर भारत का जवाब
अमेरिका में रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से जुड़े एक नए संशोधन में भारत का नाम शामिल होने और रूस से तेल खरीदने वाले 10 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की रिपोर्ट पर भी विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया। इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए स्रोतों से खरीद का फैसला राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाता है। उन्होंने इसी रुख को एक बार फिर दोहराया।
सऊदी विदेश मंत्री से हुई अहम बातचीत
जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत में हूती विद्रोहियों का मुद्दा भी शामिल रहा। उन्होंने कहा कि हाल ही में सऊदी अरब पर हुए हमले की भारत ने निंदा की है। लाल सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर भी भारत गंभीर रूप से चिंतित है। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभु सीमा पर हुए हमलों, खासकर नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है।
बाब-अल-मंदेब में नौवहन को लेकर चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करते हैं। भारत ने इन घटनाओं को अस्वीकार्य बताया और क्षेत्र में जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई। जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत को इस क्षेत्र से लगातार ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है।

