बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत हैं। राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद समेत कई पुराने निष्ठावान नेताओं की वापसी को लेकर शुक्रवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय में दिनभर मंथन हुआ। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मायावती कुछ बड़े फैसले लेने की तैयारी में हैं। आकाश के समर्थक भी उनकी पार्टी में वापसी की मुहिम में जुटे हैं।
मायावती ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि निष्कासन के बाद दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं की वापसी नहीं होगी। हालांकि, निष्कासन के बावजूद पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखने और बहुजन समाज के हित में काम करने वालों की वापसी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। आकाश और अशोक सिद्धार्थ पर हुई कार्रवाई के पांच राज्यों के आगामी चुनावों पर असर को लेकर भी चर्चा हुई। उधर, ससुर के साथ पार्टी से अलग किए जाने के बाद आकाश ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने पांच दिन से मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट रिपोस्ट नहीं की और कांग्रेस, निषाद पार्टी व सपा के प्रस्तावों पर भी प्रतिक्रिया नहीं दी। समर्थक उनकी वापसी के लिए सक्रिय हैं और कुछ ने इसके लिए रामजी गौतम को जिम्मेदार ठहराया है।

