लोकनायक जयप्रकाश नारायण के 1974 के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से निकले लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और रामविलास पासवान आज भी चर्चा के केंद्र में हैं। लोकनायक के इन तीनों शिष्यों में एक रामविलास पासवान अब इस दुनिया नहीं लेकिन उनकी भी चर्चा आज खूब हो रही है। कारण है इन तीनों के नाम पर शहरों का नाम करने की मांग। हालांकि, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नाम पर पहले से ही कई चौक चौराहों और कुछ नगरों का नाम (लालू नगर और लालू चौक) है। अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाम पर नीतीशपुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान की प्रतिमा लगाने की मांग पर सियासत गरमा गई है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला…

नीतीश कुमार ने नाम पर कैसी सियासत?
सबसे पहले बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने की मांग की। उनका तर्क था कि बख्तियारपुर नीतीश कुमार की जन्मभूमि है। वह विकास पुरुष हैं। बिहार के विकास में उन्होंने काफी योगदान दिया है। इसके बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने जनता दल यूनाईटेड का नाम बदलकर जनता दल नीतीश करने की मांग कर दी। इधर, इन दोनों मांगों में से एक पर सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि बख्तियारपुर का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष नहीं है। हां, वह इस जगह का नाम बदलने के पक्ष में जरूर हैं। इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम आक्रमणकारी पर है, इसे बदल देना चाहिए।
चिराग भी बहती गंगा में हाथ धोने लगे
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान, राजद सुप्रीमो लालू और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नाम पर शहरों का नाम करने का समर्थन किया है। कहा कि इनलोगों का बिहार के विकास में काफी योगदान रहा है। इसलिए ऐसा करने में सरकार को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। वहीं लोजपा (रामविलास) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मुलाकात की। सांसद अरुण भारती ने जेपी गंगा पथ गोलंबर का नाम अपनी पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के नाम पर करने की मांग की। इतना ही नहीं यहां पर उनकी प्रतिमा भी लगाने की मांग की।
राजद ने तंज कसते हुए क्या कहा?
राष्ट्रीय जनता दल अब इस मामले पर सियासत कर रहा है। इनके नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि केवल शहरों का नाम ही क्यों देश का नाम बदलकर मोदीपुरम कर देना चाहिए। भाई वीरेंद्र ने कहा कि एनडीए वाले व्यक्ति पूजा की कर रहे हैं। उन्होंने जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर भी हमला बोला है। जनता दल यूनाईटेड का नाम ‘जनता दल नीतीश’ करने पर उन्होंने कहा कि संजय झा पहले तय कर लें कि वह भाजपा में हैं या जदयू में। क्योंकि उनकी इस मांग से भाजपा वाले नाराज हो सकते हैं। वह जदयू को तोड़ना चाहते हैं या भाजपा को लाभ पहुंचाना चाहते हैं, यह क्लियर करें। वह सेंटिंग करके अपना राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के साथ छल किया है। उन्हें धोखा दिया है और बर्बाद कर दिया।

