लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

सत्य निकेतन हॉस्टल हादसा:केंद्र सरकार पर उठे सवाल, राहुल गांधी से लेकर दीपके तक किसने क्या-क्या कहा? – Satya Niketan Collapse Leaders Reactions Delhi Hostel Rahul Gandhi Cjp

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

दिल्ली के सत्या निकेतन में छात्र हॉस्टल की इमारत ढहने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। हादसे में तीन छात्रों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर अभिजीत दीपके तक ने पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने और छात्रों के असुरक्षित पीजी में रहने का मुद्दा उठाया। दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने राहत-बचाव और इलाज के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

राहुल गांधी बोले-हर छात्र की जिंदगी कीमती

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हादसे को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से हर छात्र तक पहुंचने की अपील की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्र पीजी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह 40-40 छात्र एक ही छत के नीचे रहते हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हर छात्र की जिंदगी कीमती है और उसकी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।

खरगे ने कहा- यह टाला जा सकने वाला हादसा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे को ‘टाला जा सकने वाला हादसा’ बताया। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव कोशिश होनी चाहिए और घायलों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में छात्रों के रहने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने भी कहा कि पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं नहीं होने के कारण छात्रों को असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले पीजी में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छात्र दिल्ली अपना भविष्य बनाने आते हैं, अपनी जान जोखिम में डालने नहीं।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा? 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रशासन से राहत और बचाव अभियान तेज करने की अपील की, जिससे हर पीड़ित तक समय पर मदद पहुंच सके। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने हादसे में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने क्या सवाल उठाए?

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने हादसे को अधिकारियों की कथित लापरवाही से होने वाली घटनाओं से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की मुश्किल परिस्थितियों के प्रति सरकार संवेदनशील नहीं है। वहीं, अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय के एसआरसीसी दौरे का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो असुरक्षित पीजी इमारतों के सुरक्षा ऑडिट में खामी कैसे रह गई।

अजय माकन ने डीयू के दोनों कैंपस के आसपास चल रहे पीजी की सुरक्षा जांच का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि कितनी इमारतों का निरीक्षण हुआ और किन इमारतों में क्या कमियां मिलीं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि देशभर से युवा बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि केवल डीयू में भाषण देने से काम नहीं चलेगा, छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश हाईकोर्ट से चार मामलों में जमानत: फिर भी जेल में ही रहेंगे चिन्मय दास, कौन से दो केस बने रोड़ा?

एनएसयूआई ने प्रशासन की तैयारी पर उठाए सवाल

एनएसयूआई प्रमुख विनोद झाकर ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन हादसे के करीब दो घंटे बाद पहुंचा। झाकर ने कहा कि एनएसयूआई की टीम सूचना मिलते ही छात्रों को मलबे से निकालने में जुट गई थी। उन्होंने प्रशासन की कथित लापरवाही की जवाबदेही तय करने की मांग की। 

अभिजीत दीपके ने क्या-क्या कहा?

अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छात्र सुरक्षा और शैक्षणिक ढांचे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीतिक भाषण दिया और ‘दिमागी नक्सल’ जैसे मुद्दे पर बात की, लेकिन देश के शैक्षणिक ढांचे की स्थिति पर बहुत कम चर्चा की। दीपके ने पूछा कि आखिर कब तक छात्रों को खराब बुनियादी ढांचे और कथित उपेक्षा की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में छात्र देखभाल की कमी से जूझ रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में पढ़ने वाले छात्र भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सुरक्षित क्लासरूम, सुरक्षित हॉस्टल और छात्रों की बुनियादी गरिमा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री दोबारा डीयू जाकर इस हादसे की वजह बताएंगे।

नड्डा और शाह ने क्या कहा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर जरूरी मदद का भरोसा दिया। नड्डा ने एम्स और दिल्ली के दूसरे केंद्रीय अस्पतालों के निदेशकों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता देने को कहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और एनडीएमए महानिदेशक से बात कर मौके के हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

सत्या निकेतन में हुआ क्या था?

सत्या निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास एक संकरी गली में थी और इसमें छात्रों के लिए पीजी चलता था। करीब 50 साल पुरानी इस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कई दिनों की बारिश से बेसमेंट में पानी जमा था और इससे नींव कमजोर हुई। हालांकि, हादसे की असली वजह अभी जांच का विषय है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

बिग बॉस 20:आम्रपाली दुबे से लेकर मैरी कॉम तक, सीजन 20 में शामिल हुए ये प्रतिभागी; जानें इनके बारे में सबकुछ – Bigg Boss 20 Final 15 Contestants List Amrapali Dubey To Isha Rikhi Participated At Salman Khan Show

अमेरिका की आजादी के 250 साल का जश्न:’ट्रंप की सोच लेकर आया हूं’, राजदूत गोर ने बंगलूरू में क्या-क्या कहा? – Us India Partnership Sergio Gor Dk Shivakumar Bengaluru Trust Fellowship American Freedom 250 Years

आज का राशिफल 07 सितंबर:तुला और कुंभ राशि वालों के लिए आज बन रहे हैं शुभ योग, नए अवसरों से बदल सकती है किस्मत – Today Prediction Horoscope Of 07 September 2026 Aaj Ka Rashifal Mesh Kark Singh Kanya Kumbh Makar

मिस्बाह ने उठाए सवाल:क्या पाकिस्तान में विदेशी और घरेलू कोच के साथ होता है अलग बर्ताव? पूर्व कप्तान ने घेरा – Former Test Captain Misbah-ul-haq Complains About Differential Treatment Of Coaches In Pakistan Cricket

अयोध्या:शिकायत पर हटाए गए राम मंदिर के तीन कर्मचारी वापस बुलाए गए, दोबारा दी गई जिम्मेदारी – Three Ram Mandir Employees, Removed Following Complaints, Have Been Reinstated.

बॉक्स ऑफिस:‘टॉक्सिक’ पर कहर बनकर टूटी ‘हनुमान अंश’ की लहर, 31वें दिन हुई 100 करोड़; बनाया बड़ा रिकॉर्ड – Hanuman Ansh Box Office Collection On Sunday Toxic Box Office Collection Day 12

Leave a Comment