अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. एक महीना बीत जाने के बावजूद युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. इस युद्ध ने यूएस-ईरान के साथ-साथ बाकी खाड़ी देशों को भी काफी परेशान किया है. दावा किया जा रहा है कि युद्ध की वजह से लाखों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं. अहम बात यह है कि युद्ध ने सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को पहुंचाया है. दूसरी ओर अमेरिका जंग अपनी जमीन पर नहीं लड़ रहा, इस वजह से वह कम घाटे में है.
अमेरिका से जंग की वजह से ईरान की आवाम को काफी नुकसान हुआ है. प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान समेत पूरे देश में 90,063 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. वहीं 307 अस्पताल और दूसरी मेडिकल फैसिलिटीज को नुकसान हुआ है. इसके साथ ही 760 स्कूल तबाह हो गए हैं. अमेरिका ने युद्ध के पहले हफ्ते में ही तेहरान में कई जगहों पर अटैक किया गया था. मिसाइल हमले की वजह से अब तक हजारों लोगों की मौत हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध की वजह से 20,880 लोग भारी तरह से जख्मी हुए हैं.
न्यूक्लियर सेंटर से लेकर हथियारों तक, ईरान को कहां-कहां लगा झटका
दावा किया गया था कि अमेरिका ने युद्ध के दौरान ईरान के परमाणु ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाया था. इसके साथ-साथ हथियारों की संख्या भी घट गई है. हालांकि अभी तक इसको लेकर आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अब तक कई क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया है, इनकी संख्या भी कम हुई है.
अमेरिका ने ईरान को लेकर किया बड़ा दावा
जंग के बीच अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को लेकर बड़ा दिया किया है. उन्होंने कहा है कि आने वाले दिन निर्णायक होंगे. हेगसेथ ने कहा, ‘सैन्य रूप से ईरान तबाह हो गया है, वे इस बारे में कुछ भी नहीं कर सकते. अमेरिकी स्ट्राइक से ईरानी कमांडर्स का मनोबल टूट रहा है, अगर ईरान समझदार है तो वो डील करेगा, अगर डील नहीं होगी तो अमेरिका और भी घातक हमला करेगा.’
उन्होंने कहा, ‘अगर ईरान समझदार है तो वह समझौता कर लेगा. ईरान अगर डील नहीं करता है तो अमेरिकी सेना और भी ज्यादा जोर-शोर से अपनी कार्रवाई जारी रखेगी. ट्रंप सिर्फ दिखावा नहीं करते और न ही वह अपनी बात से पीछे हटते हैं. ईरान के नए शासन को अब तक यह बात समझ आ जानी चाहिए.’
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