
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का बजाय बढ़ता ही जा रहा है. इस हफ्ते एक बार फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है. इस हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अब ये युद्ध ज्यादा नहीं चलेगा. यूएस ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है.
ईरान को हुआ भारी नुकसान
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “कल रात एक बहुत बड़ा हमला किया गया था और हम जब चाहें ऐसा दूसरा हमला करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं,” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ यह युद्ध बहुत लंबा चलेगा. लेकिन साथ ही जोड़ा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और मुझ पर चुनावों का कोई असर नहीं पड़ रहा है.
ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दे रहे
ट्रंप ने आगे कहा, “मैं खुद चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, लेकिन मेरी पार्टी लड़ रही है और मैं अपनी पार्टी की मदद करने जा रहा हूं. मुझे लगता है कि मेरी पार्टी इस बात का सम्मान करती है कि हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दे रहे हैं.”
संसदीय चुनाव पास आने के कारण ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन उन्होंने ऐसे सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया है. ट्रंप से उनके सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में भी पूछा गया, जिसमें उन्होंने ईरान के लोगों से उठ खड़े होने और लड़ने की अपील की थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान के सत्ता विरोधी लोगों को वहां की सरकार हटाने के लिए हथियार देने को तैयार हैं, तो उन्होंने साफ जवाब देने से इंकार कर दिया.
ट्रंप ने कहा, “मैं आपको यह बताना पसंद करता, लेकिन अभी यह कहना सही नहीं होगा. पर मैं उनकी तकलीफ समझता हूं, उन पर गोलियां चलाई जा रही हैं.
समुद्री प्रतिबंधों को लागू कर रहे
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों (ब्लॉकेड) को सख्ती से लागू कर रही है. 2 सितंबर तक अमेरिकी सेना ने 86 व्यावसायिक जहाजों (व्यापारिक नावों) के रास्ते बदल दिए हैं. सोशल मीडिया पोस्ट में CENTCOM ने बताया कि नियमों का पालन करवाने के लिए अमेरिकी सेना ने 3 जहाजों को बेकार (ठप) कर दिया और 2 जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच की.
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