प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात के कुछ दिन बाद अमेरिका ने भारत समेत उन सभी देशों को चेतावनी दी है, जो ईरान के साथ कारोबार कर रहे हैं या अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में तेहरान की मदद कर सकते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं कर सकता. अगर कोई देश ईरान के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने में मदद करता है, जिससे वह पैसा कमा सके और उस धन का इस्तेमाल आतंकवाद को समर्थन देने या परमाणु हथियार बनाने में हो, तो अमेरिका ऐसे देशों पर भी प्रतिबंध लगाएगा.
रुबियो ने यह बयान ब्रायन किलमीड के शो द ब्रायन किलमीड शो में इंटरव्यू के दौरान दिया. उनसे प्रधानमंत्री मोदी की पेजेशकियन से मुलाकात और भारत-ईरान के बीच किसी नए व्यापार समझौते की संभावना को लेकर सवाल पूछा गया था.
रुबियो बोले- भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील नहीं
रुबियो ने कहा, मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि देशों को अपनी विदेश नीति तय करने और ईरान के साथ संबंध बनाए रखने का अधिकार है. यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ा दिया है. अमेरिका ने उन देशों और कंपनियों को भी सेकेंडरी प्रतिबंधों की चेतावनी दी है, जो तेहरान के साथ कारोबार जारी रखते हैं.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त को ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू किया था. उन्होंने इस अभियान को ईरान की बची हुई आर्थिक जीवनरेखाओं को रोकने के लिए इकोनॉमिक डी-डे बताया था.
भारत समेत दूसरे देशों के लिए रुबियो का सीधा संदेश
रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पता है कि दुनिया के कई देश ईरान के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने खुद भी पहले हुई चर्चाओं के दौरान ईरानी प्रतिनिधियों से संपर्क किया है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भी ईरानी शासन के कुछ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत और संपर्क किया है. लेकिन रुबियो ने आर्थिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट सीमा खींच दी.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए. किसी देश को ऐसी व्यवस्था बनाने में मदद नहीं करनी चाहिए, जिसके जरिए ईरान पैसा कमाए और फिर उस धन का इस्तेमाल आतंकवाद को समर्थन देने या परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में करे. रुबियो ने साफ कहा कि अगर कोई देश ऐसा करता है तो अमेरिका को उस देश पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा.
बिश्केक में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात
रुबियो का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की बिश्केक में हुई मुलाकात के बाद आया है. दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी.
बैठक में भारत और ईरान के संबंधों पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने की योजनाओं पर विचार किया. इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों की सुरक्षा पर भी बातचीत हुई.
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