रूस और यूक्रेन के बीच जारी अनिश्चित जंग का फिलहाल कोई ठौर- ठिकाना नजर नहीं आता है. अब ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की लीडरशिप पर हमला न करने के पीछे खुलासा किया है. असल में सवाल उठ रहा है आखिर क्यों रूस यूक्रेन के नेतृत्व पर हमला नहीं कर रहा है?
बिश्केक में एससीओ समिट के बाद व्लादिमीर पुतिन ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि रूस जानबूझकर यूक्रेन के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर हमला करने से बच रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि अगर कीव बातचीत के लिए राजी होता है, तो उसे यूक्रेन से मध्यस्थों की जरूरत होगी.
हमें बातचीत के लिए कुछ लोगों की जरूरत: व्लादिमीर पुतिन
पुतिन ने कहा, ‘हमें बातचीत के लिए कुछ लोगों की जरूरत है. अगर वे समझते हैं कि वे शांति से मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं, अगर यूक्रेनी अधिकारी वैसी हरकतें ( रूस जिसे आतंकवादी कार्रवाई कहता है) जारी रखते हैं, तो मॉस्को उसका जवाब देगा.’
पुतिन ने प्रेस के सामने कहा, ‘अगर नए लोग इस प्रक्रिया में ठोस योगदान दे सकें, तो रूस शांति वार्ता का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है. अभी यह प्रक्रिया काफी हद तक रुकी हुई है. बस मैं यह नहीं चाहूंगा कि कोई बेमतलब तरीके से चलता रहे.’

रूस भरोसेमंद और जान-पहचान के लोगों पर भरोसा करता है: पुतिन
पुतिन ने आगे कहा कि रूस उन लोगों के साथ काम करने में सहज महसूस करता है, जिन्हें वह जानता है और जिनपर वह भरोसा करता है. उन्होंने अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकोफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का जिक्र किया और उन्हें ईमानदार एवं इस प्रक्रिया को ठोस रूप देने के लिए प्रतिबद्ध बताया.
हम युद्ध खत्म करना चाहते हैं: पुतिन
इसके अलावा जुलाई में कजाख राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव के यूक्रेन संघर्ष को रोकने के प्रस्ताव पर पुतिन ने कहा कि हम बेशक यही चाहते हैं. लेकिन सिर्फ इसे रोकना नहीं है. हम युद्ध खत्म करना चाहते हैं. यूक्रेन और यूरोप में स्थायी और पूर्ण शांति चाहते हैं.

