नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2027 की परीक्षा कंप्यूटर आधारित करने की घोषणा तो कर दी पर उसके पास 24 लाख विद्यार्थियों के लिए अवसंरचना और कंप्यूटर के लिए बजट तक नहीं हैं। एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा सुधार के लिए गठित नंदन नीलेकणि कमेटी को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें परीक्षा केंद्र, सुरक्षा, सीबीटी के लिए कंप्यूटर समेत पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए बजट और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक वर्ष में 100 दिन विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन करता है। इसमें विभिन्न दाखिला और भर्ती परीक्षाओं में करीब एक करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं। जेईई मेन (साल में दो बार), सीयूईटी यूजी व पीजी, यूजीसी नेट (साल में दो बार) कंप्यूटर आधारित, पांच से छह दिन दो शिफ्टों में और करीब 47 से 49 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। जबकि, नीट यूजी साल में एक बार और पेन-पेपर आधारित होती है और इसमें 24 लाख के आसपास छात्र शामिल होते हैं।
पेपर लीक से बचने के लिए किराये के केंद्रों की बजाय अब परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित बनाए रखने के लिए एनटीए अपने खुद के करीब 500 केंद्र बनाने की तैयारी में है जिससे बार-बार सेटअप न बदलना न पड़े। इसमें प्रति सेंटर 250 से 500 छात्रों की क्षमता के आधार पर कंप्यूटर, प्रश्न पत्र प्रिटिंग मशीन, सीसीटीवी, जैमर, सिटिंग अरेंजमेंट, सुरक्षा आदि की जरूरत होगी। इसीलिए बजट और अवसंरचना पर नीति बनाने को कहा है।
