- त्योहार के बाद चीनी मूल्य तय करेंगे मिठाइयों की आगे की कीमतें।
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन से पहले राजधानी दिल्ली के मिठाई बाजार पर महंगाई का नया दबाव दिखाई देने लगा है. चीनी की कीमत में अचानक आए उछाल ने मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है. कुछ दुकानदारों ने बढ़ी लागत को देखते हुए मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि कई कारोबारी त्योहार के बीच ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने के लिए फिलहाल पुराने भाव पर ही बिक्री कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि चीनी के साथ पहले से महंगे चल रहे दूध, पनीर, मेवा, वनस्पति, घी और अन्य कच्चे माल ने मुश्किल और बढ़ा दी है.
4900 से 6800 रुपये क्विंटल तक पहुंची चीनी
मिठाई कारोबारियों के मुताबिक कुछ समय पहले तक थोक बाजार में करीब 4900 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाली चीनी अब 6600 रुपये से बढ़कर मंगवार को करीब 7000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई. इतनी कम अवधि में हुए इस उछाल ने मिठाई की लागत को सीधे प्रभावित किया है. कारोबारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान मिठाई की मांग बनी रहती है, लेकिन अचानक कीमत बढ़ाने से ग्राहकों पर असर पड़ता है. यही वजह है कि दिल्ली में फिलहाल दुकानदारों के बीच कीमत बढ़ाने को लेकर अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है.
जनकपुरी में कुछ मिठाइयों के भाव बढ़ाए गए
पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित अग्रवाल स्वीट सेंटर के संचालक राहुल अग्रवाल ने चीनी की बढ़ी कीमत को लेकर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि महंगाई का दबाव पहले से ही मिठाई कारोबार पर बना हुआ है. कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के साथ मैदा, वनस्पति और शुद्ध देसी घी समेत मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों की लागत बढ़ी हुई है.
उनके मुताबिक चीनी की कीमत में ताजा उछाल के बाद दुकान पर मिठाइयों के भाव में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है. मौजूदा खुदरा कीमतों में काजू बर्फी 1000 रुपये किलो, काजू रोल 1100 रुपये और काजू चॉकलेट बर्फी, काजू केसर तथा काजू रोज जैसी वैरायटी करीब 1200 रुपये किलो तक हैं.
चॉकलेट रोल और कुछ विशेष मिठाइयां करीब 600 रुपये किलो, लच्छा ड्राई फ्रूट लड्डू 740 रुपये और ड्राई फ्रूट लड्डू 1200 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. डालडा मोतीचूर लड्डू 300 रुपये, जबकि देसी घी के लड्डू और पतीसा करीब 500 रुपये किलो की दर से बताए गए हैं.
रसमलाई से रसगुल्ले तक बढ़ा ग्राहकों का खर्च
जनकपुरी की दुकान पर रसमलाई 45 रुपये प्रति पीस और रबड़ी रसमलाई 55 रुपये प्रति पीस बताई गई है. रसगुल्ला 25 रुपये और राजभोग 35 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध है. इसके अलावा चॉकलेट बर्फी और स्पेशल कलाकंद करीब 600 रुपये, मिल्क केक और डोडा बर्फी 520 रुपये, चना बर्फी 640 रुपये, पिस्ता बर्फी 580 रुपये तथा प्लेन बर्फी 560 रुपये किलो के आसपास बताई गई है. सफेद पेड़ा 580 रुपये, लाल पेड़ा 540 रुपये, मलाई चाप, पाकीजा, छेना टोस्ट और अनारकली करीब 520 रुपये किलो की दर से हैं. शाही टुकड़ा और मलाई टोस्ट करीब 600 रुपये किलो बताए गए हैं.
उत्तम नगर के कारोबारी ने कहा- अभी कीमत बढ़ाने के पक्ष में नहीं
पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में बड़े थोक और खुदरा मिठाई कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने पहचान न बताने की शर्त पर ABP लाइव को बताया कि चीनी की कीमत में तेज उछाल के बावजूद उनकी संस्था ने फिलहाल किसी भी मिठाई के दाम बढ़ाने का फैसला नहीं किया है. कारोबारी के मुताबिक 35 साल से अधिक समय से ग्राहकों के बीच गुणवत्ता और उचित कीमत को लेकर भरोसा बना हुआ है. रक्षाबंधन के मौके पर अचानक कीमत बढ़ाना उनके लिए सही फैसला नहीं होगा.
उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के समय सभी उत्पादों के भाव में करीब 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी. बाद में स्थिति सुधरने पर कीमतों में कुछ कमी करने पर विचार चल रहा था, लेकिन इसी बीच चीनी के दाम बढ़ गए.
फिलहाल उनका कहना है कि त्योहार तक कीमतों को यथासंभव स्थिर रखा जाएगा. करीब 10 से 15 दिन बाद बाजार की स्थिति की समीक्षा करने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा. वर्तमान में वनस्पति घी से बनी मिठाइयां करीब 250 से 300 रुपये किलो और शुद्ध देसी घी से बनी मिठाइयां करीब 500 से 600 रुपये किलो की रेंज में उपलब्ध हैं.
बीकानेर मिठाई वाला ने भी नहीं बढ़ाए भाव
दिल्ली के मिठाई कारोबार में लंबे समय से सक्रिय बीकानेर मिठाई वाला के संचालक दिनेश अग्रवाल ने भी फिलहाल मिठाइयों की कीमत बढ़ाने से इनकार किया है. उनके मुताबिक वह दो दशक से अधिक समय से इस कारोबार में हैं और रक्षाबंधन के दौरान अचानक दाम बढ़ाना ग्राहकों के भरोसे के लिहाज से उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने पर कुछ उत्पाद महंगे किए गए थे और बाद में राहत मिलने पर कीमतें घटाई भी गईं. इस बार चीनी की बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा फिलहाल कारोबारी स्तर पर ही वहन किया जा रहा है. आगे बाजार की स्थिति देखकर कीमतों में बदलाव पर फैसला लिया जाएगा.
एक कारोबारी ने 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाए दाम
पश्चिमी दिल्ली में थोक और खुदरा मिठाई कारोबार करने वाले साहिल ने बताया कि उनकी दुकान पर लगभग सभी मिठाइयों के दाम 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं. उनके मुताबिक उत्पादन स्तर पर ही मिठाइयां बढ़ी हुई कीमत पर मिल रही हैं. ऐसे में लागत का असर आगे थोक और खुदरा दोनों ग्राहकों तक पहुंचाना पड़ रहा है. हालांकि, त्योहारी सीजन में बिक्री पर इसका वास्तविक असर कितना हुआ है, इसका आकलन त्योहार के बाद ही किया जा सकेगा.
स्थानीय दुकानदार ने त्योहार तक कीमत रोकने का फैसला किया
स्थानीय स्तर पर मिठाई की दुकान चलाने वाले सुरेश शर्मा का कहना है कि चीनी की मौजूदा कीमत निश्चित तौर पर काफी ज्यादा है, लेकिन त्योहार के बीच मिठाई के भाव बढ़ाना ग्राहकों के हित में नहीं होगा. उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर मिठाइयां खुद तैयार की जाती हैं. इसलिए रक्षाबंधन तक कीमतों में बदलाव नहीं किया जाएगा. हालांकि, यदि त्योहार के बाद भी चीनी का भाव इसी स्तर पर बना रहता है तो बढ़ी हुई लागत के कारण मिठाइयों की कीमत बढ़ाना मजबूरी बन सकती है.
रक्षाबंधन के प्री-ऑर्डर में करीब 10 प्रतिशत कमी
मिठाई कारोबारियों के मुताबिक इस बार रक्षाबंधन के प्री-ऑर्डर में करीब 10 प्रतिशत की कमी देखने को मिल रही है. सामान्य बिक्री को 100 प्रतिशत मानें तो मौजूदा समय में कारोबार करीब 80 से 85 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है. दुकानदारों के अनुसार काजू कतली, सूखी मिठाई, बर्फी और सोनपापड़ी की मांग बनी हुई है. हालांकि, बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को अपनी खरीदारी का बजट दोबारा तय करने पर मजबूर किया है.
500 रुपये की मिठाई के लिए अब 650 से 700 रुपये खर्च
कारोबारियों का कहना है कि पहले 500 रुपये के बजट में जितनी मिठाई खरीदी जा सकती थी, अब उसी स्तर की खरीदारी के लिए करीब 650 से 700 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. बढ़े खर्च का असर सिर्फ ग्राहकों पर ही नहीं बल्कि दुकानदारों के मुनाफे पर भी पड़ रहा है. कई कारोबारी कीमत बढ़ाने से बचने के लिए फिलहाल अपनी कमाई में कटौती कर रहे हैं, ताकि त्योहार के दौरान बिक्री पर ज्यादा असर न पड़े.
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मिठाई की जगह चॉकलेट गिफ्ट पैक भी चुन रहे ग्राहक
महंगी होती मिठाइयों के बीच कुछ ग्राहक रक्षाबंधन पर पारंपरिक मिठाई के बजाय चॉकलेट गिफ्ट पैक का विकल्प भी अपना रहे हैं. दुकानदारों के मुताबिक कैडबरी सेलिब्रेशन्स, डेयरी मिल्क, किटकैट और फेरेरो रोशर जैसे गिफ्ट पैक भी खरीदारी में जगह बना रहे हैं. हालांकि, रक्षाबंधन पर मिठाई की पारंपरिक मांग अब भी बनी हुई है. ऐसे में कीमत बढ़ने के बावजूद त्योहार के दौरान मिठाई बाजार में खरीदारी जारी रहने की उम्मीद है.
दिल्ली के ग्राहकों पर बढ़ती महंगाई का सीधा असर
मिठाई खरीदने पहुंची ग्राहक निशा ने एबीपी लाइव से कहा कि चीनी महंगी होने के बाद मिठाई के दाम बढ़ना समझ में आता है, लेकिन रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर इसका असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि भाई-बहन के इस खास त्योहार पर मिठाई खरीदना जरूरी हो जाता है. ऐसे में कीमत बढ़ने के बावजूद खरीदारी करनी पड़ रही है. उनका कहना है कि त्योहार के समय कीमत बढ़ने से आम परिवारों की परेशानी बढ़ती है और सरकार को ऐसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखनी चाहिए.
वही दूसरे ग्राहक गगन शर्मा ने भी टीम से बात करते हुए कहां की अचानक चीनी की बढ़ी कीमत पर मौजूदा सरकार को जिम्मेवार है. आम जनता के भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए खाद विभाग से जुड़े अधिकारियों पर करवाई करने की सलाह दी. उनका कहना है कि वह रक्षाबंधन पर अपनी बहनों के साथ परिवार के लिए जमकर मिठाई की खरीदारी करते हैं. शॉप पर पहुंचे तो अचानक बढ़ी कीमत उन्हें काफी परेशानी में डाल दिया. महंगाई पहले से चरम पर है उसमें एक बजट लेकर चला था जो बिगड़ गया. सरकार जमाखोड़ी कर रहे व्यापारियों को भी न बख्शे, क्योंकि त्यौहार के समय अचानक इस तरह की बढ़ोतरी काफी परेशानी डाल रही है.
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अब त्योहार के बाद तय होगी मिठाई बाजार की दिशा
दिल्ली के मिठाई बाजार में फिलहाल दो तरह की तस्वीर दिखाई दे रही है. कुछ दुकानदार बढ़ी हुई लागत के कारण कीमत बढ़ा चुके हैं, जबकि कई कारोबारी ग्राहकों के भरोसे और त्योहारी बिक्री को देखते हुए फिलहाल पुराने भाव पर कारोबार कर रहे हैं.
अब आने वाले दिनों में चीनी की कीमत किस स्तर पर रहती है और रक्षाबंधन के बाद बिक्री का रुख कैसा रहता है, इसी पर मिठाइयों के अगले भाव काफी हद तक निर्भर करेंगे. यदि कच्चे माल की लागत ऊंची बनी रहती है तो त्योहार के बाद मिठाई की कीमतों में एक और बढ़ोतरी की संभावना से कारोबारी इनकार नहीं कर रहे हैं.
