अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे अमेरिका में शरिया कानून पर रोक लगाने वाले कानून का समर्थन करेंगे। उनका तर्क है कि देश में केवल एक ही कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए।

ट्रंप ने ये टिप्पणियां रूढ़िवादी प्रसारक ग्लेन बेक के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कीं। जिन्होंने उनसे पूछा कि क्या वह उस कानून के लिए दबाव डालेंगे या उस पर हस्ताक्षर करेंगे जिसे बेक ने अमेरिका के लिए शरिया कानून विरोधी अधिनियम के रूप में कहा था।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने जवाब दिया, ‘हां, मैं दो बातें कहूंगा। पहली बात, शरिया कानून के बारे में मैं साफ तौर पर कहूंगा कि यह इस देश के लिए नहीं है। यहां कोई शरिया कानून नहीं होगा।’ राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका के कुछ हिस्सों में पहले से ही शरिया कानून का पालन किया जा रहा है। उन्होंने उन जगहों का नाम नहीं बताया और न ही अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत दिया।
यूरोप की राजधानियों को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने अमेरिकी कानूनी व्यवस्था के साथ-साथ इस्लामिक धार्मिक कानून को लागू करने का विरोध करते हुए यूरोप की राजधानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘आप लंदन या पेरिस जाते हैं, तो यह लगभग जिंदगी जीने का एक दूसरा तरीका लगता है। यह अजीब बात है।’
ट्रंप ने किसका भरोसा दिया?
राष्ट्रपति ने बेक से कहा कि वह इस पर रोक का समर्थन करेंगे। इसके साथ ही इस मुद्दे को राजनीतिक विचारधारा के बजाय आम समझ का मामला बताएंगे। ट्रंप ने कहा, ‘मैं निश्चित रूप से इस मामले में आपके या कई अन्य लोगों के साथ खड़ा रहूंगा, क्योंकि मुझे लगता है कि हम, आप और मैं विचारधारा के बजाय आम समझ पर ज्यादा भरोसा करते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘असल में अच्छी राजनीति का मतलब ही आम समझ है, लेकिन मैं शरिया कानून वाली बात पर निश्चित रूप से रोक लगाऊंगा। हमारे देश में भी यह थोड़ा-बहुत हो रहा है।’
शरिया कानून लागू होने पर क्या होगा?
ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि वे नया संघीय कानून लाएंगे, कार्यकारी आदेश जारी करेंगे या कांग्रेस के किसी मौजूदा प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि इस तरह के प्रतिबंध का ढांचा कैसा होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि जहां भी शरिया कानून लागू होता दिखेगा, अधिकारी वहां कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘जहां भी हम इसे देखते हैं, हम इसे हटा देते हैं, आपको इसे हटाना ही होगा। हमारा एक ही सिस्टम है। हमारा सिस्टम बहुत बढ़िया है। कभी-कभी यह बहुत निराशाजनक होता है, लेकिन मेरी नजर में यह सबसे अच्छा सिस्टम है।’
ट्रंप ने महंगाई पर क्या कहा?
बेक का सवाल शरिया कानून को इस्लाम और डेमोक्रेटिक सोशलिस्टों के बीच ‘रेड ग्रीन अलायंस’ से जोड़ता था। उन्होंने ट्रंप से यह भी पूछा कि रिपब्लिकन उन युवा अमेरिकियों को क्या जवाब दे सकते हैं जो बढ़ती महंगाई को लेकर चिंतित हैं। ट्रंप ने महंगाई के मुद्दे पर बात की और बढ़ती कीमतों के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन को विरासत में बहुत ज़्यादा महंगाई मिली थी।
ट्रंप ने कहा, ‘महंगाई की बात करें तो यह दिलचस्प है क्योंकि डेमोक्रेट्स ने ही महंगाई बढ़ाई थी। जब मैंने पद संभाला, तो हर चीज महंगी थी। मुझे विरासत में ऊंची कीमतें मिली थीं। मैं इसे दूसरे तरीके से कहूं तो हमने सच में उन्हें कम किया है।

