यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से फोन पर बात की। उन्होंने जयशंकर को काला सागर की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी। दोनों नेताओं ने काला सागर में जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही फिर से शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की।
आंद्रिय सिबिहा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘मैंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से फोन पर बात की। मैंने उन्हें काला सागर की मुश्किल स्थिति के बारे में जानकारी दी। यह स्थिति यूक्रेन के खिलाफ रूस की कार्रवाई और हमारे बंदरगाहों और समुद्री मार्गों पर बढ़े हमलों के कारण बनी है।’
सिबिहा ने कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस यूक्रेन से होने वाले खाद्य निर्यात को रोकने की कोशिश कर रहा है। इससे दुनिया की खाद्य सुरक्षा को सीधा खतरा है। इसका असर केवल इस इलाके तक सीमित नहीं है। इससे दुनियाभर के लाखों परिवार खतरे में पड़ सकते हैं।
दोनों नेताओं ने काला सागर में जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही फिर से शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने यूक्रेन और भारत के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बात की। दोनों देशों के आपसी लाभ वाले मुद्दों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
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सिबिहा ने बताया कि दोनों नेताओं ने आने वाले समय में होने वाली बातचीत और संपर्क को लेकर भी सहमति बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या कहा?
वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने भी एक्स पर एक पोस्ट में बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच काला सागर में व्यापार फिर से शुरू करने और समुद्री मार्गो की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा, आज शाम यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के साथ हुई बातचीत की सराहना करता हूं। हमारी चर्चा काला सागर में व्यापार फिर से शुरू करने पर केंद्रित रही। बातचीत में सभी समुद्री यात्रियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा, भारत बातचीत और कूटनीति का मजबूती से समर्थन करता रहेगा।


