भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी उतार-चढ़ाव के बाद बढ़त के साथ बंद हुए। अंतिम समय की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों के रुझान को शांत किया। दिन के अधिकतर समय नकारात्मक दायरे में रहने के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स कारोबार के अंतिम समय में उछला। यह 286.98 अंक, यानी 0.37 फीसदी बढ़कर 77,656.09 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान सेंसेक्स ने 77,666.39 का उच्च स्तर छुआ। इसने 77,125.91 का निम्न स्तर भी देखा। दिन के कारोबार में प्रमुख सूचकांक 243.2 अंक, यानी 0.31 फीसदी गिरा था। इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी अंतिम समय की खरीदारी से बढ़ा। यह 115.50 अंक, यानी 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ।
बाजार में उछाल का क्या कारण रहा?
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी गिरकर 89.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट बाजार के लिए एक बड़ी राहत थी। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने इस पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि ईरान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित अमेरिकी प्रतिबंध बाजार की उम्मीदों से कम रहे। इस कारण कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड प्रतिफल अपने हाल के उच्चतम स्तर से नरम हुए। ऊर्जा लागत में इस राहत ने मासिक समाप्ति दिवस पर बाजार को सकारात्मक बंद होने में मदद की।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
30 सेंसेक्स कंपनियों में कई शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इंटरग्लोब एविएशन, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, ट्रेंट, टाइटन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रमुख लाभ पाने वाले रहे। दूसरी ओर, कुछ शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। इटरनल, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और बजाज फिनसर्व प्रमुख नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल थे। पिछले सत्र में, 24 अगस्त 2026 को सेंसेक्स 171.72 अंक, यानी 0.22 फीसदी गिरकर 77,369.11 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 32.95 अंक, यानी 0.14 फीसदी फिसलकर 24,219.05 पर समाप्त हुआ था।
वैश्विक बाजारों और एफआईआई का क्या रुख रहा?
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक मामूली गिरावट के साथ समाप्त हुआ। यूरोप के बाजार भी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत, 24 अगस्त 2026 को अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए थे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 24 अगस्त 2026 को 1,181.66 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। यह निवेश बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत था।


