भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष शुक्रवार 28 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर बहनों को भद्रा का साया नहीं सताएगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। साथ ही, इसी दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण की भारत में दृश्यता न होने से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। अलीगंज सि्थत स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र के तिषाचार्य एसएस नागपाल और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के आचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय के अनुसार, इस बार पर्व भद्रा काल से मुक्त रहेगा। 28 अगस्त की सुबह भद्रा समाप्त हो चुकी होगी। पूर्णिमा तिथि प्रातः 09:48 बजे तक ही है, फिर भी उदय तिथि और कुलाचार के अनुसार रक्षाबंधन पूरे दिन मनाया जा सकता है।