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सर्वे में पिछड़ी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी, युद्ध का नहीं मिल रहा चुनावी फायदा

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गाजा और ईरान की धरती पर युद्ध छेड़ने और उसका राजनीतिक फायदा मिलने का प्लान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फिलहाल फेल होता नजर आ रहा है. हाल ही के एक सर्वे में पार्टी पिछड़ते हुए नजर आई है. 

बुधवार को जारी एक KAN न्यूज के पोल के अनुसार, ‘सोमवार को लिकुड प्राइमरी के बाद गादी आजेनेकोट की यशार पार्टी लिकुड से एक सीट आगे निकल गई है. इसके अलावा वह 24 सीटों के साथ देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है.’ 

588 योग्य वोटर्स के बीच किया गया सर्वे

यह सर्वे 588 योग्य वोटर्स के बीच ऑनलाइन किया गया है. ऑनलाइन सर्वे में यशर को 24 सीटें, लिकुड को 23 सीटें, नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड की बी’याचद’ को 14 और यायर गोलन की द डमोक्रेट्स को 10 सीटें मिलने का अनुमान है. यिसराएल बेतेनु और ओत्जमा येहुदित को 9-9 सीटें, यूनाइटडेट तोराह जुडाइजम को 8, शास को 7, हदाश-ताअल को 6 और राअम को 5 सीटें मिलने की उम्मीद है. 

सर्वे के मुताबिक, रिलीजियस जायोनिज्म पार्टी को चार सीटें मिलती नजर आ रही है. वहीं, तीसरे गुट की छोटी सेंटर राइट गश्मत में से कोई भी पार्टी जैसे ब्लू एंड व्हाइट, जायोनिस्ट होम द रिजर्वसिस्टम और यूनिटी जरूरी सीटें हासिल नहीं कर पाई है. अरब राष्ट्रवादी बालाद पार्टी भी नेसेट (इजरायली संसद) में जगह बनाने में नाकाम साबित हुई है.

ऐसे में अगर नेतन्याहू के समर्थक और विरोधी गुट अभी की तरह ही बने रहते हैं, तो अरब गश्त के समर्थन के बिना किसी भी गुट के पास 61 सीटों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं होंगी. मौजूदा सरकार के विरोधी गुट के पास 52 सीटें होंगी.

एक्सपर्ट्स को लेकर लोगों का क्या कहना है? 

एक्सपर्ट्स की मानें तो लिकुड की चुनावी लिस्ट पर अपना कंट्रोल बढ़ाने और कंजर्वेटिव को किनारे करने के लिए नेतन्याहू ने जो चालें चली थीं, उसका फायदा पार्टी को मिलते नहीं दिख रहा है. इसके अलावा पोल से पता चलता है कि ज्यादा उदारवादी सूची का अभी तक किसी तरह का फायदा नहीं हुआ है. 

इधर लिस्ट को लेकर किए गए सर्वे से जानकारी हासिल हुई है और इसमें कहा गया है कि 18 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यह लिस्ट 2022 की पिछली लिस्ट से बेहतर है. वहीं 14 प्रतिशत लोगों ने इसे खराब बताया है. वहीं 44 प्रतिशत लोगों को किसी तरह का फर्क नहीं पड़ा है. हालांकि, जिन लोगों ने पहले लिकुड को वोट दिया था, उनमें से 41 प्रतिशत नई लिस्ट को ही बेहतर मानते हैं. 

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