लश्कर-ए-ताइबा के कमांडर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा ने कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादियों को सुरक्षाकर्मियों और बेगुनाह नागरिकों की टारगेट किलिंग करने के निर्देश दिए थे। एनआईए कोर्ट ने अब उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। एनआईए के रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद याकूब ने अपने कई छद्म नाम रखे थे। उसे अबू सुमामा, सुमामा इलियास और वारिस अली के नाम से भी जाना जाता है। वह पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित चट्टा बख्तावर इलाके में लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर है। उस पर कश्मीर में सक्रिय लश्कर के आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने और आतंकी गतिविधियां संचालित करने का आरोप है।