महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सरोगेट उत्पादों का प्रचार करने वाली हस्तियों के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विज्ञापन की पूरी चेन में शामिल हर व्यक्ति जवाबदेह है।
तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?
पीटीआई समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘पूरी शृंखला में हर कोई जिम्मेदार है। यह सब पर लागू होता है।’ एफडीए प्रमुख ने कहा कि ये नियम सभी पर लागू हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना महाराष्ट्र एफडीए की ओर से बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची नामक कथित तंबाकू उत्पाद के विज्ञापन में ब्रांड एंडोर्सर के रूप में भाग लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। एफडीए का कहना है कि यह अभियान प्रतिबंधित पान मसाला/तंबाकू से संबंधित उत्पादों का अप्रत्यक्ष या परोक्ष प्रचार हो सकता है।
विज्ञापनदाताओं से क्या आग्रह किया?
तुकाराम मुंढे ने कहा कि विज्ञापन की जांच प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित विकल्प के रूप में की जा रही है, क्योंकि कंपनी अतीत में गुटखा बेचती पाई गई थी। उन्होंने कहा कि विज्ञापन और दावों को बनाने, प्रकाशित करने या प्रायोजित करने में शामिल सभी लोगों पर नियम लागू होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञापनदाताओं से एफएसएसएआई के नियमों को देखने का आग्रह किया।
विनियम को लेकर क्या कहा?
इसके साथ ही पीटीआई को बताया, ‘यह मुद्दा खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के कार्यान्वयन से संबंधित है। इनमें से एक विनियम विज्ञापन और भ्रामक दावों से संबंधित है। उन्होंने आगे बताया कि यह विनियम 2018 में अस्तित्व में आया और 1 जुलाई, 2019 से लागू हुआ।
उन्होंने आगे कहा, ‘कोई भी व्यक्ति जिस भी उत्पाद का प्रचार कर रहा हो। उसे विज्ञापन और दावों के संबंध में एफएसएसएआई के दिशानिर्देशों और नियमों का पालन करना होगा। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो हम उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे।’
मुंढे ने पीटीआई को यह भी बताया कि एफडीए की प्रतिक्रिया भ्रामक दावों से संबंधित नियमों पर आधारित थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी प्रस्तुति चाहे वह भौतिक हो, इलेक्ट्रॉनिक हो, सोशल मीडिया के माध्यम से हो या अन्य माध्यमों से किसी ऐसे दावे को बताती, इंगित करती या सुझाती है जो सत्य नहीं है। वह नियमों के विरुद्ध है।
नियम के उल्लंघन पर क्या होगा?
मुंढे ने कहा, ‘विज्ञापनदाताओं को, जो प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे। नोटिस जारी किए जाएंगे और उनसे यह बताने को कहा जाएगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों शुरू नहीं की जानी चाहिए।’
खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ राज्यव्यापी व्यापक कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र एफडीए ने कई त्वरित वाणिज्य आउटलेट्स के साथ-साथ होटल, रेस्तरां, भोजनालयों और ऑनलाइन खाद्य प्लेटफार्मों पर छापेमारी की है।
एफडीए ने क्या कार्रवाई की?
एजेंसी ने चेंबूर स्थित मेसर्स पार्ले एग्रो के गोदाम में फ्रूटी, ऐपी और एप्पल फिज के एक्सपायर्ड स्टॉक मिलने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया। पीटीआई समाचार एजेंसी के अनुसार, महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लिंकइट, ज़ेप्टो और इंस्टामार्ट सहित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े कई खाद्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कई उल्लंघनों का हवाला देते हुए निलंबित कर दिए।
एफडीए ने 13 अगस्त को महाराष्ट्र भर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भोजन बेचने और पहुंचाने वाले 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसने 60 सुधार नोटिस जारी किए और एक प्रतिष्ठान में संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया।

