महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेशोत्सव से पहले राज्य की सभी नगर निगमों को सड़कों से गड्ढे हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा और विसर्जन वाले रास्तों पर किसी भी तरह के गड्ढे नहीं होने चाहिए। इसके लिए नगर निकायों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। एकनाथ शिंदे ने सोमवार को गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। यह महाराष्ट्र का प्रमुख और दस दिन तक चलने वाला त्योहार है। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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तीन बेहतर नगर निगमों को पुरस्कार
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जो नगर निगम गणेशोत्सव की तैयारियां तेजी से पूरी करेंगे और अपने क्षेत्र में गड्ढामुक्त सड़कें, दुर्घटनामुक्त आयोजन और जरूरी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे, उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। शहरी विकास विभाग की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों को पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, जिन नगर निगमों और अधिकारियों का प्रदर्शन खराब रहेगा, उनका भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। शिंदे ने कहा कि भविष्य में नगर निगमों को मिलने वाले फंड के आवंटन में उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा।
24 घंटे गड्ढों की मरम्मत की व्यवस्था
उपमुख्यमंत्री ने नगर आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने शहरों में गड्ढों की मरम्मत का काम तुरंत शुरू कराएं। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएं, जो सड़कों का नियमित निरीक्षण करें और गड्ढे मिलने पर तुरंत उनकी मरम्मत कराएं। नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने को भी कहा गया है। मोबाइल एप के जरिए मिलने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। गड्ढों की मरम्मत के लिए 24 घंटे काम करने वाली व्यवस्था तैयार करने और चल रहे काम की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने नगर आयुक्तों से जरूरत पड़ने पर खुद मौके पर जाकर मरम्मत कार्य की समीक्षा करने को कहा। नगर निकायों को मरम्मत से पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों को पता चल सके कि किस सड़क पर कितना काम हुआ है।
आधुनिक तकनीक से होगी मरम्मत
मानसून के दौरान जल्द मरम्मत के लिए नगर निगमों को आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इनमें प्रीकास्ट सामग्री और जियोपॉलीमर टेक्नो-पैच जैसी तकनीक शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ऐसे स्थानों पर किया जा सकता है, जहां तत्काल सड़क की मरम्मत जरूरी है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी), महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) भी नगर निकायों के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कों पर गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी होती है तो संबंधित नगर निगम अपने खर्च पर उनकी मरम्मत करा सकते हैं। बाद में यह खर्च संबंधित एजेंसी से वसूला जाएगा।
गणेश विसर्जन मार्गों पर विशेष ध्यान
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा और विसर्जन वाले मार्गों की विशेष रूप से जांच की जाए। गणेशोत्सव के दौरान नई सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने बिजली के ओवरहेड तारों को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। खासकर विसर्जन मार्गों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली के तारों की वजह से कोई दुर्घटना न हो।
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गणेश मंडलों को नहीं देना होगा अनावश्यक शुल्क
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गणेश मंडलों से कोई अनावश्यक शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। मंडलों को अनुमति देने की प्रक्रिया भी सरल और परेशानी मुक्त होनी चाहिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित त्योहार है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए उनके आगमन और विसर्जन में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों से मिलकर काम करने की अपील की। इस बैठक में मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत मुंबई महानगर क्षेत्र के विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, सांगली-मिरज-कुपवाड़, लातूर, नांदेड़, अहिल्यानगर, अकोला, इचलकरंजी और सोलापुर समेत कई प्रमुख नगर निगमों के अधिकारियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया।

