बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण साझेदारी का एलान किया। यह साझेदारी देश भर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए है। इसका उद्देश्य इक्विटी वित्तपोषण को बढ़ावा देना और पूंजी बाजार तक उनकी पहुंच का विस्तार करना है। दोनों संगठनों ने इस पहल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते का लक्ष्य एमएसएमई के बीच इक्विटी वित्तपोषण के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करना है। विशेष रूप से बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें जानकारी दी जाएगी। यह पात्र व्यवसायों को लिस्टिंग प्रक्रिया को समझने और उसमें आगे बढ़ने में मदद करेगा। साझेदारी के तहत, बीएसई जागरूकता कार्यक्रमों, सेमिनारों और कार्यशालाओं के लिए विशेषज्ञ प्रदान करेगा। रोड शो और ज्ञान सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य एमएसएमई को बाजार से पूंजी जुटाने के लाभ और आवश्यकताओं को समझाना है। यह सहयोग एमएसएमई को सलाह, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और क्षमता-निर्माण पहल भी प्रदान करेगा। पूंजी बाजार के उपयुक्त अवसरों की खोज में व्यवसायों की सहायता के लिए एक नोडल-पॉइंट तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
एमएसएमई को क्या लाभ मिलेगा?
बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पात्र व्यवसायों को विकास पूंजी तक पहुंचने का अवसर देता है। इससे उनकी दृश्यता और कॉर्पोरेट विश्वसनीयता भी बढ़ती है। यह मंच छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। उन्हें सार्वजनिक बाजारों से धन जुटाने का एक सुलभ तरीका प्रदान करता है। इस साझेदारी से एमएसएमई को अपनी विस्तार योजनाओं के लिए आवश्यक पूंजी मिल सकेगी। यह उन्हें बाजार में अपनी पहचान बनाने में भी मदद करेगा।
बीएसई की क्या भूमिका होगी?
बीएसई इस साझेदारी में मुख्य रूप से ज्ञान और विशेषज्ञता प्रदान करेगा। वह जागरूकता कार्यक्रमों के लिए विषय-विशेषज्ञ और प्रशिक्षक उपलब्ध कराएगा। इन कार्यक्रमों में सेमिनार, कार्यशालाएं और रोड शो शामिल होंगे। बीएसई का लक्ष्य एमएसएमई को पूंजी बाजार की जटिलताओं को समझने में मदद करना है। वह उन्हें पूंजी जुटाने की प्रक्रिया और उसके लाभों से अवगत कराएगा। बीएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदरारमन राममूर्ति ने इस कदम का स्वागत किया है।
पीएचडीसीसीआई कैसे सहयोग करेगा?
पीएचडीसीसीआई अपने व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके एमएसएमई तक पहुंचेगा। इसमें उसके सदस्य संघ, उद्योग निकाय और क्षेत्रीय चैंबर शामिल हैं। चैंबर जागरूकता और क्षमता-निर्माण की पहल करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक एमएसएमई इस साझेदारी का लाभ उठा सकें। पीएचडीसीसीआई का लक्ष्य देश के कोने-कोने तक इस महत्वपूर्ण जानकारी को पहुंचाना है। यह सहयोग एमएसएमई के लिए पूंजी बाजार के दरवाजे खोलने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

