इमरान हाशमी की साल 2007 की आवारापन की सीक्वल आवारापन 2 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म का क्लैश सनी देओल की बंटवारा 1947 से हुआ है बावजूद इसके इमरान हाशमी की फिल्म को लेकर काफी माहौल बना हुआ है. यहां तक कि इसने रिकॉर्ड एडवांस बुकिंग की है. इन सबके बीच फिल्म का फर्स्ट रिव्यू भी आ गया है. जानते है ये फिल्म कैसी है?
आवारापन 2 का फर्स्ट रिव्यू आउट
फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने आवारापन 2 का फर्स्ट रिव्यू एक्स पर शेयर किया है. तरण ने लिखा है, “ वन वर्ड रिव्यू आवारापन 2 ज़बरदस्त हिट. रेटिंग 4 स्टार इमरान हाशमी की शिव पंडित के तौर पर वापसी हुई है, और क्या शानदार वापसी है… वह आवारापन 2 की जान हैं… आम लोगों को पसंद आने वाले पल + पुरानी यादें ताज़ा करने वाली बातें… पक्की कामयाबीय
आवापापन (2007), जो पहला पार्ट था, उसे सालों में एक खास पहचान (कल्ट स्टेटस) मिली है… उन उम्मीदों पर खरा उतरना आसान नहीं है, खासकर इसलिए क्योंकि इमरान हाशमी, डायरेक्टर मोहित सूरी और विशेष फिल्म का बनाया जादू आज भी बरकरार है.

#OneWordReview…#Awarapan2: SMASH-HIT.
Rating: ⭐️⭐️⭐️⭐#EmraanHashmi returns as #ShivamPandit, and what a return it is… He is the SOUL of #Awarapan2… Mass-appealing moments + tremendous nostalgia value… SURE-SHOT SUCCESS. #Awarapan2Review#Awarapan [2007], the first… pic.twitter.com/A02jovEDUf— taran adarsh (@taran_adarsh) August 14, 2026
आवारापन 2 की क्या है खास बात
उन्होंने आगे लिखा है,” आवारापन 2 की सबसे खास बात शिवम की कहानी है – इस बार, एक बच्चे के साथ उसका रिश्ता कहानी का मुख्य हिस्सा है… कहानी बिल्कुल अलग रास्ते पर चलती है, जिसमें बीच-बीच में भरपूर एक्शन सीन हैं.फिल्म की शुरुआत बहुत अच्छी होती है, जिसमें बच्चों की तस्करी का मुद्दा शुरू में ही साफ तौर पर दिखाया गया है… हालांकि, जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह कई ऐसी उप-कहानियों (सब-प्लॉट) में भटक जाती है जिनसे बचा जा सकता था.”
डायरेक्टर-राइटर ने किया कमाल का काम
तरण ने आगे लिखा, “डायरेक्टर नितिन कक्कड़ ने बड़ी ज़िम्मेदारी संभाली है और उन्होंने कई सीन बहुत समझदारी से दिखाए हैं: शुरुआत में बैंकॉक की सड़कों पर कार का पीछा करने वाला सीन. दिशा, अनिरुद्ध रावल और पूरन गब्बी के माता-पिता की पिछली कहानी (बैकस्टोरी), फिल्म का आखिरी हिस्सा (फिनाले). इसके अलावा, उन्होंने पहले पार्ट के कुछ सीन समझदारी से शामिल किए हैं, जिससे पुरानी यादें ताज़ा होती हैं… ये पल दोनों फिल्मों को आसानी से जोड़ते हैं और फैंस को अपनापन महसूस कराते हैं.
लेखक बिलाल सिद्दीकी और विशेष भट्ट ने यह पक्का किया है कि कहानी की रीढ़ – शिव पंडित – ही मुख्य केंद्र बना रहे… लेखकों को यह भी पता है कि कब रुकना है और कब ज़ोरदार असर डालना है, जिससे कई ऐसे सीन बने हैं जो सच में आपके जेहन में बस जाते हैं.
तरण ने स्टार कास्ट की तारीफ की
तरण ने स्टार कास्ट की दमदार एक्टिंग की तारीफ करते हुए लिखा, “ शिवम के रोल में इमरान हाशमी शानदार हैं… वह किरदार में कमज़ोरी, गहराई और असल जिंदगी जैसा एहसास लाते हैं, जिससे शिवम का सफर दिल को छू लेने वाला बन जाता है… यह उनके फिल्मी करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक है. दिशा पाटनी ने दिल से और इमोशनल परफॉर्मेंस दी है, वहीं शबाना आजमी को और ज़्यादा स्क्रीन टाइम मिलना चाहिए था, क्योंकि उनके टैलेंट के हिसाब से कुछ ज़बरदस्त सीन थे.”
विलेन के रोल में पूरन गब्बी असरदार हैं, लेकिन कुछ जगहों पर ओवर-एक्टिंग कर जाते हैं… अनिरुद्ध रावल ने अपना रोल पूरे भरोसे के साथ निभाया है… सुरविंदर विक्की और विजयंत कोली ने भी अच्छा साथ दिया है.
आवारापन 2 का म्यूजिक असरदार
आवारापन 2 का म्यूजिक इसकी एक बड़ी खूबी है, हालांकि पहले पार्ट से तुलना तो होगी ही।आखिरी बात? इमरान हाशमी की ज़बरदस्त परफॉर्मेंस और पूरी तरह से मास-एंटरटेनर कहानी आवारापन 2 को खास बनाती है… बॉक्स ऑफिस पर इसे कोई नहीं रोक सकता.”
ये भी पढ़ें:-Batwara 1947 First Review Out: आ गया सनी देओल की फिल्म का फर्स्ट रिव्यू, दिल को छू लेने वाली है ‘बंटवारा 1947’
