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NATO समिट: होटल के जिस फ्लोर पर थे ट्रंप, ईरान को था मालूम, टारगेट पर था एयरक्राफ्ट- Report

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तुर्किए के अंकारा में नाटो (NATO) सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमले का खतरा मंडरा रहा था, जिसके लिए यूएस सुरक्षा एजेंसियों को सीक्रेट ऑपरेशन चलाना पड़ा था. यह खतरा उन्हें किसी और से नहीं, बल्कि कट्टर दुश्मन ईरान से था. ईरान को NATO समिट के दौरान की ट्रंप के सही लोकेशन का पता था और उनके प्लेन पर मिसाइल से हमले का भी खतरा था. अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी ने उन्हें बचाने के लिए कैटरिंग कंटेनर में छिपाकर निकाला था.

होटल के जिस फ्लोर पर थे ट्रंप, ईरान को था मालूम

न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि ट्रंप को ले जा रहे विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के हमले का खतरा था. नाटो शिखर सम्मेलन के पास किसी व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ भी देखा गया था. रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी कि ईरानी एजेंटों को अंकारा में ट्रंप की सटीक लोकेशन और यहां तक कि उनके होटल के कमरे की मंजिल तक का पता था.

अमेरिका ने चलाया सीक्रेट ऑपरेशन

इस खतरे को देखते हुए अमेरिकी अधिकारी तुरंत सतर्क हुए उन्होंने ट्रंप की जान बचाने की प्लानिंग शुरू कर दी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप पहले तो सार्वजनिक रूप से अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में सवार हुए, लेकिन फिर उन्हें गुपचुप तरीके से खाने-पीने के सामान वाले एक कैटरिंग कंटेनर में छिपाकर एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया और फिर एक सैन्य विमान के जरिए तुर्किए से सुरक्षित रवाना कर दिया गया. वहीं एयरफोर्स वन विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेट, वरिष्ठ सलाहकारों, पत्रकारों और सैन्यकर्मियों को लेकर ब्रिटेन के लिए उड़ान भरी.

अमेरिकी अधिकारियों ने दिए थे ये निर्देश

न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि इस ऑपरेशन से खतरा ट्रंप से हटकर राष्ट्रपति के विमान में सवार अन्य लोगों पर आ गया होगा. इनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्हाइट हाउस के अधिकारी स्टीफन मिलर और स्टीवन चेउंग शामिल थे. इस वजह से 8 जुलाई को अंकारा से ब्रिटेन जाने वाली उड़ान के दौरान यात्रियों को विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे. बाद में ट्रंप चुपके से एयरफोर्स वन में फिर से सवार हो गए और कैमरों के सामने विमान से उतरे, जिससे सबको ऐसा लगा कि उन्होंने पूरी यात्रा उसी विमान में की थी.

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