
Parenting Tips: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छी परवरिश पाए, आत्मविश्वासी बने और जिंदगी में आगे बढ़े. लेकिन कई बार बच्चों की भलाई के लिए की गई कुछ बातें या हमारा व्यवहार ही उनके मन पर गलत असर डाल सकता है. पेरेंटिंग में की गई ऐसी गलतियां अक्सर अनजाने में होती हैं. इसलिए समय रहते इन्हें समझना और सुधारना जरूरी है.
1. हर गलती से बच्चे को बचाना
बच्चे को हर परेशानी से दूर रखना हमेशा सही नहीं होता. अगर माता-पिता हर छोटी-बड़ी मुश्किल खुद हल कर देते हैं, तो बच्चे समस्याओं का सामना करना नहीं सीख पाते. उन्हें उम्र के हिसाब से फैसले लेने और अपनी गलतियों से सीखने का मौका दें. इससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ता है.
2. बच्चों की भावनाओं को छोटी बात समझना
कई बार बच्चा किसी बात से परेशान होकर माता-पिता के पास आता है, लेकिन उसे यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि ‘इतनी सी बात पर कौन रोता है?’ ऐसा करने से बच्चा अपनी भावनाएं दबाना सीख सकता है. उसकी बात ध्यान से सुनें और उसे बताएं कि उसका दुख या डर समझ में आता है.
3. अच्छे नंबर को ही सफलता मानना
पढ़ाई में अच्छे नंबर जरूरी हो सकते हैं, लेकिन हर बार सिर्फ रिजल्ट पर ध्यान देना बच्चे पर दबाव बढ़ा सकता है. इसके बजाय उसकी मेहनत, लगन और सीखने की कोशिश की तारीफ करें. इससे पढ़ाई को लेकर डर कम होगा और सीखने में रुचि बनी रहेगी.
4. लड़के-लड़कियों के लिए अलग नियम बनाना
‘लड़के रोते नहीं’ या ‘लड़कियों को ज्यादा बोलना नहीं चाहिए’ जैसी बातें बच्चों के मन में सीमाएं बना सकती हैं. बच्चे को उसके जेंडर के आधार पर भावनाएं व्यक्त करने से न रोकें. उन्हें अपनी पसंद, भावनाएं और विचार खुलकर रखने का मौका दें.
5. दूसरों को खुश करने की आदत डालना
बच्चों को हमेशा दूसरों की बात मानने और खुद की जरूरतों को पीछे रखने की सीख देना आगे चलकर परेशानी पैदा कर सकता है. उन्हें यह भी समझाएं कि अपनी पसंद बताना, जरूरत पड़ने पर ‘न’ कहना और अपनी सीमाएं तय करना बिल्कुल गलत नहीं है.

6. गलती होने पर जरूरत से ज्यादा डांटना
गलती पर हर बार डांट या सजा मिलने से बच्चा डर सकता है. कई बार इसी डर की वजह से वह अपनी गलती छिपाने लगता है. बेहतर है कि गलती समझाकर उसके नतीजे बताएं और अगली बार उसे सुधारने का तरीका सिखाएं.
7. अजनबियों से सिर्फ डराना
बच्चों को सुरक्षित रहना सिखाना जरूरी है, लेकिन हर अनजान व्यक्ति को खतरनाक बताने से उनके मन में डर बैठ सकता है. उन्हें डराने के बजाय अच्छे और गलत व्यवहार का फर्क समझाएं. साथ ही बताएं कि किसी असहज स्थिति में तुरंत भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए.
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