
गर्मियों और बरसात के मौसम में बेडशीट से पसीने या सीलन की गंध आना आम बात है. रातभर सोने के दौरान पसीना, शरीर का तेल और धूल चादर में जमा होते रहते हैं. कई बार चादर को धोने के बाद भी उसमें हल्की बदबू रह जाती है. ऐसे में घर में रखा सफेद सिरका काम आ सकता है.
चादर से बदबू क्यों नहीं जाती?
चादर में सिर्फ पसीना ही नहीं, बल्कि शरीर का तेल, धूल और डिटर्जेंट के बचे हुए अंश भी जमा होते हैं. समय के साथ ये चीजें कपड़े के रेशों में फंस जाती हैं. यही वजह है कि चादर धोने के बाद भी उसमें गंध महसूस हो सकती है. इसके अलावा अगर चादर धोने के बाद ठीक से सूखी नहीं है या उसे गीला ही कुछ देर रखा गया है, तो सीलन की बदबू भी आने लगती है.
सफेद सिरका कैसे करता है काम?
साधारण सफेद सिरका कपड़े में जमा कुछ अवशेषों को ढीला करने और गंध कम करने में मदद कर सकता है. इससे चादर ज्यादा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है. इसके लिए हमेशा डिस्टिल्ड व्हाइट विनेगर का इस्तेमाल करें. रंगीन या फ्लेवर वाले सिरके का इस्तेमाल कपड़ों पर नहीं करना चाहिए.
चादर धोते समय ऐसे डालें सिरका
सबसे पहले चादर को वॉशिंग मशीन में सामान्य तरीके से डालें. मशीन को जरूरत से ज्यादा न भरें, ताकि पानी और डिटर्जेंट चादर तक अच्छी तरह पहुंच सके. अब मशीन के फैब्रिक सॉफ्टनर वाले हिस्से में करीब ¼ से ½ कप सफेद सिरका डाल सकते हैं. इससे सिरका आखिरी रिंस के दौरान चादर तक पहुंचेगा. अगर आपकी मशीन में अलग सॉफ्टनर डिस्पेंसर नहीं है, तो मशीन के निर्देशों के मुताबिक रिंस के समय इसे डालें. ध्यान रखें कि सिरका डिटर्जेंट की जगह नहीं लेता. चादर धोने के लिए अपने फैब्रिक के हिसाब से सामान्य डिटर्जेंट का ही इस्तेमाल करें.
हर बार सिरका डालने की जरूरत नहीं
चादर की हर वॉश में सिरका डालना जरूरी नहीं है. अगर चादर में बार-बार पसीने या सीलन की गंध आती है, तो कभी-कभार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. जरूरत से ज्यादा सिरका डालने से बचें.
सबसे जरूरी बात यह है कि चादर धोने के बाद उसे अच्छी तरह सुखाएं. धूप या अच्छी हवा वाली जगह पर पूरी तरह सूखने के बाद ही चादर को अलमारी में रखें. इससे सीलन की बदबू दोबारा आने की संभावना कम हो सकती है.
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