लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Bengal Politics:बंगाल के दो अहम मुद्दों पर अमित शाह से दखल की मांग, तीन Ncpi सांसदों ने चिट्ठी में क्या लिखा? – Three Ncpi Mps Seek Amit Shah Intervention On Two Key Issues In West Bengal

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले से तृणमूल कांग्रेस छोड़कर नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तीन लोकसभा सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के दो अहम मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर गृह मंत्री से हस्तक्षेप मांगा गया?

पहला मुद्दा मुर्शिदाबाद जिले की विभिन्न मस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटाए जाने की खबरों से जुड़ा है। इन दोनों मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखने वाले सांसदों में जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान और बहरामपुर से क्रिकेटर से नेता बने यूसुफ पठान शामिल हैं।

पत्र में कहा गया है कि रिपोर्टों के अनुसार पुलिस प्रशासन मस्जिदों से माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दे रहा है। हम कानून और माननीय सुप्रीम कोर्ट के शोर नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन अनुरोध है कि नियमों का निष्पक्ष, समान और संवेदनशील तरीके से पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

क्या मतदाता सूची से नाम हटने के मामलों में ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया तेज करने की मांग की गई?

दूसरा मुद्दा इस वर्ष राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए बड़ी संख्या में मतदाताओं के मामलों से जुड़ा है। सांसदों का दावा है कि कई “वास्तविक” मतदाता अब भी ट्रिब्यूनल के फैसले का इंतजार कर रहे हैं उनका कहना है कि फैसलों में देरी के कारण पासपोर्ट सत्यापन, भूमि पंजीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या लंबित मामलों के जल्द निपटारे और अतिरिक्त ट्रिब्यूनल बनाने की भी मांग उठी?

तीनों सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि ट्रिब्यूनल में लंबित सभी वास्तविक मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और इसे इस वर्ष के अंत तक पूरा कराया जाए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त ट्रिब्यूनल गठित करने और शिकायतों की निगरानी के लिए एक व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई है। सांसदों का कहना है कि जब तक मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, तब तक प्रभावित वास्तविक नागरिकों को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

अमर उजाला शब्द सम्मान-2026: प्रस्ताव भेजने की तारीख बढ़ी, अब 10 अक्तूबर तक भेजें प्रविष्टियां – Amar Ujala Shabd Samman 2026 Date Extend Oct 10 Literary Honor Nominations Akashdeep Thap Chhap Bhasha Bandhu

भारतीय टीम की तैयारी:वनडे विश्व कप के लिए जडेजा की दावेदारी कायम? स्पिन कोच बहुतुले ने बताई टीम की रणनीति – Ravindra Jadeja Still In Indias Odi World Cup Plans, Says Spin Coach Sairaj Bahutule

सेंगोल:अब बच्चे पढ़ेंगे सुशासन का राजदंड, नौवीं की नई किताब में नया भारत, संसद से लेकर चोल राजवंश तक – Sengol: Students To Now Study The Scepter Of Good Governance

अमेरिका से तीसरे देशों में भेजे जा सकेंगे प्रवासी:ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत; क्या है नीति? – Supreme Court Lets Trump Continue Deporting People To Third Countries While Justices Weigh Policy

एलपीयू हिंसाः 30-40 छात्र जांच के घेरे में, फरहत देव मास्टरमाइंड; चार एफआईआर के बाद बढ़ा तफ्तीश का दायरा – Lpu Violence: 30-40 Students Under Scrutiny, Farhat Dev Identified As Mastermind

संसद से महज 20 किलोमीटर दूर:न बिजली, न पानी… राजधानी के एक गांव की ऐसी भी कहानी; चार हजार लोग इंतजार में – Just 20 Kilometers From Parliament: No Electricity, No Water… The Story Of A Village In The Capital.

Leave a Comment