प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले अपना नया इंस्टाग्राम वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने देशवासियों से सात अगस्त को पूरे उत्साह और उमंग के साथ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हथकरघे से बुने हुए कपड़े खरीदना केवल कपड़ा खरीदना नहीं, बल्कि देश के लाखों बुनकर और गरीब परिवारों की आजीविका को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से हथकरघा उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ाने और सोशल मीडिया के जरिए भी इसे बढ़ावा देने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या अपील की?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सात अगस्त का दिन देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि जैसे लोग फ्रेंडशिप डे पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं, उसी तरह राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भी मनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि वे हैंडलूम उत्पाद खरीदें, पहनें और सोशल मीडिया पर उसकी फोटो या वीडियो साझा करें। उनका कहना था कि इससे अधिक से अधिक लोग भारतीय हस्तकरघा उत्पादों की ओर आकर्षित होंगे।
हैंडलूम को विकसित भारत से क्यों जोड़ा?
- प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लाखों छोटे और गरीब परिवार घरों में करघों पर कपड़ा तैयार करते हैं।
- उन्होंने कहा कि इन परिवारों की मेहनत को पहचान और बाजार मिलना जरूरी है।
- यदि लोग हैंडलूम उत्पाद अपनाएंगे तो बुनकरों की आय बढ़ेगी।
- उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब छोटे परिवार भी आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे।
लोग इस अभियान का हिस्सा कैसे बन सकते हैं?
प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि वे हैंडलूम पहनकर रील, वीडियो या तस्वीरें साझा करें। इससे भारतीय हस्तकरघा उत्पादों का प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि हर नागरिक इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बन सकता है।सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक लोगों को हैंडलूम अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी की भावना पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने देश को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि आज भी उसी भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनके अनुसार, भारतीय हस्तकरघा केवल परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार भी है।
देशवासियों से अंतिम संदेश क्या दिया?
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर नागरिक का छोटा-सा प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने लोगों से 7 अगस्त को हैंडलूम डे पूरे उत्साह के साथ मनाने, भारतीय हस्तकरघा उत्पादों को अपनाने और बुनकर परिवारों की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
हैंडलूम डे सात अगस्त को क्यों मनाया जाता है?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो में कहा कि 7 अगस्त 1905 का दिन देश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिन अंग्रेजी शासन के खिलाफ स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इस आंदोलन का उद्देश्य विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना था। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय हस्तकरघा उद्योग और स्वदेशी परंपरा को सम्मान देने का प्रतीक माना जाता है।


