झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर ऑपरेटर, तीन छात्र और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 19 हो गई है।

क्या पहले भी इस मामले में गिरफ्तारियां हुई थीं?
इससे पहले 4 अगस्त को सीआईडी ने उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित अनियमितताओं से जुड़ी रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है और कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वार्ता का प्रस्ताव दिया?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी बातचीत की जाएगी।
क्या राज्यपाल ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया?
राजभवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिस पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
क्या छात्र आंदोलन और तेज हो गया है?
25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। पांच और प्रदर्शनकारी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, आमरण अनशन में शामिल हो गई हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों के पैनल से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
क्या सोनम वांगचुक ने अनशनकारी छात्र से बात की?
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर पहले अनशन कर चुके सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बात की और स्वास्थ्य को देखते हुए कम से कम पानी पीने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी पीकर अपना पूर्ण उपवास समाप्त किया, लेकिन अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखने का फैसला किया।
क्या छात्र बंद कमरे में नहीं, सार्वजनिक वार्ता चाहते हैं?
रांची के एसडीओ कुमार रजत और एडीएम (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार ने छात्रों को मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इस पर छात्र नेताओं ने कहा कि बातचीत सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए या उसका सीधा प्रसारण किया जाए। कुछ छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री से आंदोलन स्थल पर आने की भी मांग की।
क्या सरकार और विपक्ष दोनों ने प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पेपर लीक केवल झारखंड नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है और दोषियों को जेल भेजा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी ने आंदोलन स्थल पहुंचकर 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग दोहराई। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने भी आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन किया।
क्या विधानसभा घेराव से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई है?
7 और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए 6 से 12 अगस्त तक विधानसभा परिसर के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि मंत्रियों की एक समिति आंदोलन की स्थिति पर नजर रखेगी।

