कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र की कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करते हुए घोषणा की है कि उसके क्लाउड एआई मॉडल अब अमेजन बेडराॅक के भारतीय बुनियादी ढांचे के जरिए उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही क्लाउड एआई का संचालन भारत में मौजूद सर्वर पर ही होगा। इसे इन-कंट्री इन्फेरेंस कहा जाता है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ बैंकिंग, सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और अन्य विनियमित क्षेत्रों को मिलेगा, जहां संवेदनशील और गोपनीय डाटा का उपयोग होता है। स्थानीय सर्वर पर प्रोसेसिंग होने से डाटा देश की सीमाओं के भीतर ही रहेगा। इससे एआई आधारित एप्लीकेशन तैयार करने के दौरान डाटा रेजिडेंसी और कानूनी अनुपालन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करना आसान होगा। एडब्ल्यूएस इंडिया के अध्यक्ष संदीप दत्ता ने कहा कि अमेजन बेडराॅक के जरिये एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल अब एडब्ल्यूएस के भारतीय बुनियादी ढांचे पर उपलब्ध होंगे।

एंथ्रोपिक के अनुसार, भारत क्लाउड के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शामिल हो चुका है। कंपनी का कहना है कि यह स्थानीय बुनियादी ढांचे पर होस्ट किए जाने वाले एंटरप्राइज एआई समाधानों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसके क्लाउड पार्टनर नेटवर्क के लिए सबसे अधिक पंजीकरण भारत से हुए हैं। इसी के तहत एंथ्रोपिक अपने पार्टनर नेटवर्क के माध्यम से 5,000 से अधिक पेशेवरों को स्थानीय एआई विशेषज्ञता विकसित करने का प्रशिक्षण देगी।
भारत में एंथ्रोपिक की प्रबंध निदेशक इरिना घोष ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग होने से कंपनियों के लिए छोटे एआई पायलट प्रोजेक्ट्स से बड़े स्तर पर एआई का उपयोग करना आसान होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी भारत में अपने कार्यबल का विस्तार करेगी, भारतीय भाषाओं के लिए क्लाउड के समर्थन को बेहतर बनाएगी और स्थानीय संगठनों व व्यवसायों के साथ साझेदारी भी करेगी। कंपनी ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी पहलों के लिए डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई), एमओएसआईपी और ओपनजीटूपी के साथ सहयोग किया है। एंथ्रोपिक के अनुसार, क्लाउड का उपयोग एआई आधारित सुरक्षा परीक्षण में किया जा रहा है, जिससे संगठनों को संभावित कमजोरियों की पहचान करने, सॉफ्टवेयर सुरक्षा की जांच करने और अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।
इसके अलावा, क्लाउड का उपयोग डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) परियोजनाओं में भी किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से डिजिटल पहचान, भुगतान, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी सेवाओं जैसी सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स के तहत भारतीय भाषाओं में क्लाउड के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एंथ्रोपिक ने कार्या के साथ भी साझेदारी की है।

