कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राय साफ की है। उन्होंने कहा कि अगर देश के किसी गरीब या वंचित बच्चे को शिक्षा मिल रही है, तो इसमें गलत क्या है? हमारा मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक शिक्षा पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी आरक्षण की बात आती है, तो लोग यह क्यों कहते हैं कि सीटें कम हो गईं? लोगों को सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर शिक्षण संस्थानों में सीटें क्यों नहीं बढ़ाई जा रही हैं? दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वैसा विरोध मैनेजमेंट कोटा के खिलाफ क्यों नहीं दिखाई देता?
निजी स्कूलों की फीस पर लगे कैप
देश में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर दीपके ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में आम नागरिक के लिए पढ़ाई बेहद महंगी और पहुंच से बाहर हो चुकी है। सरकार को इसे सस्ता और हर किसी के लिए सुलभ बनाना होगा। उन्होंने मांग की कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर तुरंत एक सीमा (कैप) तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार करने की जरूरत पर बल दिया।
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अमित शाह को लेकर क्या कहा?
प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के रहते इस तरह की घटनाएं कैसे हो सकती हैं? क्या पुलिस केवल 12 साल की छोटी बच्चियों पर लाठियां चलाने के लिए ही मुस्तैद रहती है? दीपके ने दावा किया कि पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन स्थल पर 2,100 उपद्रवी मौजूद थे, फिर भी वे अपराधियों को रोक नहीं पाए। यह गृह मंत्री अमित शाह और पुलिस प्रशासन की पूरी तरह नाकामी है। दीपके ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि एक तय योजना का हिस्सा था।