देशभर में E20 पेट्रोल यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिले ईंधन की बिक्री को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस नीति को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि बिना पुख्ता डाटा के यह ईंधन देश की जनता पर थोपा जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के संसद में दिए जवाब से जनता का भ्रम दूर नहीं हुआ, बल्कि नए सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार दावा कर रही है कि E20 पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन जमीन पर उपभोक्ता और मैकेनिक दोनों परेशान हैं, बेबस हैं।

जयराम रमेश ने क्या-क्या कहा?
जयराम रमेश ने आगे कहा कि जून 2026 में 2023 से पहले के 44,000 वाहन चालकों के स्वतंत्र सर्वे में E20 से गाड़ियों में भारी नुकसान की बात सामने आई। सितंबर 2025 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने इंजन खराब होने की शिकायतों को ‘बकवास’ कहकर खारिज कर दिया था।
जयराम रमेश ने कहा कि नीती आयोग की 2021 की रिपोर्ट खुद मानती है कि E20 से E10 क्षमता वाले वाहनों के रबर पुर्जों को तेजी से नुकसान पहुंचता है। जुलाई 2026 की ARAI रिपोर्ट के अनुसार E20 से वाहनों के फ्यूल टैंक और धातु के अंदरूनी पुर्जों में जंग लगने का खतरा है। E20 से पुरानी 4-व्हीलर का माइलेज 6-7%, 2-व्हीलर का 3-4% और E20-कम्पेटीबल नई गाड़ियों का माइलेज भी 1-2% तक गिरता है।
क्या E20 पेट्रोल से सचमुच खराब हो रहे हैं वाहन?
जयराम रमेश के मुताबिक, महीनों से देशभर के वाहन चालक और मैकेनिक E20 पेट्रोल को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
- माइलेज में भारी गिरावट: गाड़ियों के माइलेज में लगातार कमी देखी जा रही है।
- इंजन पर बुरा असर: इंजन के प्रदर्शन में गिरावट, ठंड में ‘कोल्ड-स्टार्ट’ की समस्या और समय से पहले इंजन घिसने की शिकायतें आ रही हैं।
- पुर्जों का नुकसान: 2023 से पहले बनी गाड़ियों में फ्यूल इंजेक्टर जाम हो रहे हैं, फ्यूल पाइप में जंग लग रही है और रबर सील, होज पाइप, गस्केट गल रहे हैं।
- कोई विकल्प नहीं: आम उपभोक्ताओं के पास E20 खरीदने के अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचा है।
क्या जनता के गुस्से के आगे जवाबदेह होगी सरकार?
जयराम रमेश का कहना है कि सरकार के अपने ही दस्तावेज E20 से होने वाले नुकसान को स्वीकार करते हैं। इसके बावजूद सरकार सच्चाई पर पर्दा डाल रही है। बार-बार झूठ बोल रही है। टेस्ट रिपोर्ट में पैसेंजर व्हीकल्स के इंजन फेल होने तक की बातें सामने आई हैं। देश में जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
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