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Us:अमेरिकी चुनाव में बढ़ेगा भारतवंशियों का दबदबा? डेमोक्रेटिक पार्टी ने दो उम्मीदवारों का किया समर्थन – Democratic Party Backs Amish Shah, Pia Dandiya For Us Congress

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भारतवंशी दो उम्मीदवार अमीश शाह और पिया दांडिया डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव अभियान में शामिल किए गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी से प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है।

डेमोक्रेटिक पार्टी ने मंगलवार को शाह और दांडिया समेत पांच उम्मीदवारों को अपने ‘रेड टू ब्लू’ अभियान में शामिल किया। इस अभियान के तहत उन उम्मीदवारों को संगठन और धन जुटाने में मदद दी जाती है, जो रिपब्लिकन के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कड़ी चुनावी लड़ाई लड़ रहे हैं।

डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति 30 ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन से अपनी सीटें छीन सकते हैं।

अमीश शाह पेशे से चिकित्सक हैं और पहले राज्य प्रतिनिधि रह चुके हैं। वह एरिजोना के पहले जिले से चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार और राष्ट्रीय फुटबॉल लीग के पूर्व खिलाड़ी जे फीली से है। जे फीली को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला हुआ है।

पिया दांडिया पहले हाईस्कूल की प्रधानाचार्य रह चुकी हैं। वह दक्षिण फ्लोरिडा के 22वें जिले से चुनाव लड़ रही हैं। यह क्षेत्र नए परिसीमन के बाद बनाया गया है और यहां कोई मौजूदा सांसद चुनाव नहीं लड़ रहा है।

भारत से अमेरिका आए माता-पिता की संतान पिया दांडिया ने पहले फ्लोरिडा के 21वें जिले से रिपब्लिकन नेता ब्रायन मास्ट को चुनौती देने की कोशिश की थी। ब्रायन मास्ट प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं।

डेमोक्रेटिक अभियान समिति के प्रमुख ने क्या कहा?

डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति की अध्यक्ष सुजान डेलबेने ने एक बयान में कहा, पिया एक कामकाजी मां हैं, जो नया भविष्य लिखना चाहती हैं। वह दक्षिण फ्लोरिडा के लोगों के लिए अमेरिकी सपने को ज्यादा आसान बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह महंगाई की समस्या से निपटने, सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर जैसी जरूरी योजनाओं की रक्षा करने और रिपब्लिकन नेताओं को उनके अधूरे वादों के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

अमीश शाह का अब तक का सियासी सफर कैसा रहा?

अमीश शाह एरिजोना विधानसभा के तीन बार सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति के समर्थन वाली उम्मीदवार और पूर्व पत्रकार मार्लेन गैलन-वुड्स को हराया था।गैलन-वुड्स इस साल डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति के समर्थन के बावजूद चुनाव हारने वाली तीसरी उम्मीदवार हैं। इससे पहले कैलिफोर्निया की जस्मीत बैन्स और मेन के जो बाल्डाची भी पार्टी समर्थित उम्मीदवार होने के बावजूद हार चुके हैं।

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इंडियन-अमेरिकन इम्पैक्ट नाम के संगठन ने कहा, हम अपने लोकतंत्र के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं और भारतीय-अमेरिकी नेता प्रतिनिधि सभा पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह संगठन भारतीय मूल के अमेरिकियों को सरकार के हर स्तर पर समान प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए काम करता है।

अमीश शाह का जन्म शिकागो में गुजराती माता-पिता के घर हुआ था, जो 1960 के दशक में भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल से चिकित्सा की डिग्री ली। वह चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम का हिस्सा भी रहे। शाह के पिता जैन धर्म से हैं और उनकी मां हिंदू हैं।

पिया दांडिया कौन हैं?

वहीं, पिया दांडिया पहली पीढ़ी की अमेरिकी नागरिक हैं। उनके चुनाव अभियान की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने हाई स्कूल की प्रधानाचार्य, नीति विशेषज्ञ और तकनीक क्षेत्र में काम करने वाली नवाचारकर्ता के तौर पर समुदायों को मजबूत करने का काम किया है।

पिया दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की। बाद में हार्लेम में हाई स्कूल की प्रधानाचार्य बनीं। उन्होंने कम आय वाले छात्रों के जीवन को बदलने के मकसद से एक हाई स्कूल की स्थापना की। उनका लक्ष्य छात्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाना था।

उनके स्कूल से पढ़ने वाले हर एक छात्र को कॉलेज में प्रवेश मिला, जबकि इनमें से 86 फीसदी छात्र कम आय वाले परिवारों से आते थे। चुनावी अभियान की वेबसाइट के अनुसार, वह 28 साल की उम्र में अपने स्कूल की संस्थापक प्रधानाचार्य बनीं। वह देश की सबसे कम उम्र की हाई स्कूल की प्रधानाचार्यों में से एक रहीं।

प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के कितने सांसद हैं?

मौजूदा प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में भारतीय मूल के छह सांसद हैं। इनमें रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार, सुहास सुब्रमण्यम, अमी बेरा और प्रमिला जयपाल शामिल हैं। रो खन्ना 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने की तैयारी में रुचि दिखा रहे हैं। राजा कृष्णमूर्ति इलिनॉय से सीनेट चुनाव के लिए हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राथमिक चुनाव में हार गए थे।

 

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