बिहार बोर्ड के 15.20 लाख बच्चोंं और उनके पेरेंट्स के बीच इस वक्त एक सवाल काफी चर्चे में है कि क्या शनिवार 28 मार्च को BSEB 10वीं क्लास के नतीजे आएंगे। इस हफ्ते की शुरूआत में BSEB 12वीं क्लास के 13 लाख बच्चों के नतीजे बोर्ड घोषित कर चुका है। अब मैट्रिक रिजल्ट जारी करने की तैयारियों में बिहार बोर्ड जोर शोर से जुटा हुआ है।
फिलहाल पटना स्थित बोर्ड ऑफिस में 10वीं क्लास के टॉपरों का वेरीफिकेशन जारी है। नतीजों को लेकर किसी प्रकार का विवाद न हो इसके लिए बोर्ड पहले से ही सतर्क है और टॉपर्स लिस्ट में शामिल बच्चोंं का इंटरव्यू, लिखावट की जांच और कॉपियों का रि-इवैल्यूशन कर रही है। बताया जा रहा है कि वेरीफिकेशन के लिए BSEB ने 1,000 से अधिक बच्चों को बुलावा भेजा था। जिनमें 600 बच्चों के वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है। टॉपर्स लिस्ट में शामिल बच्चोंं के वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड BSEB 10वीं क्लास रिजल्ट और टॉपर्स लिस्ट घोषित करेगा। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस हफ्ते के अंत तक बिहार बोर्ड 10वीं क्लास के नतीजे घोषित कर सकता है.
इंटर की तरह मैट्रिक के नतीजे भी BSEB चीफ आनंद किशोर और बिहार शिक्षा विभाग अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर की मौजूदगी में बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार द्वारा किया जाएगा। मैट्रिक क्लास रिजल्ट के लिए बोर्ड की ओर से नई वेबसाइट की लिंक उपलब्ध कराई जा सकती है। नतीजे घोषित होने के बाद बच्चे अपना रिजल्ट संभवतः matricbiharboard.com या bsebexam.com लिंक पर जाकर चेक कर सकेंगे। इसके लिए रोल कोड और रोल नंबर जैसे डिटेल की जरूरत होगी।
कितने बच्चों को है नतीजों का इंतजार
इस साल इंटर क्लास के बाद 10वीं की परीक्षाएं हुईं और यह बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हुई और 25 फरवरी तक आयोजित की गई थीं। परीक्षा के बाद बोर्ड ने ऑब्जेक्टिव सवालों के लिए अस्थायी आंसर-की भी जारी की थी। इस परीक्षा के लिए 15 लाख 12 हजार 678 बच्चों ने पंजीकरण कराया था। जिनमें 7,85,722 बच्चियां और 7,26,961 लड़के शामिल हैं. मैट्रिक की परीक्षाएं 17 से 25 फरवरी के बीच राज्यभर में बने 1699 केंद्रों पर आयोजित की गई। इस साल की परीक्षा में बैठे बच्चों और उनके पेरेंट्स को सलाह है कि मैट्रिक परीक्षा रिजल्ट से जुड़े अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट और एक्स हैंडल x.com/officialbseb पर रखें।
पिछले साल कैसा रहा रिजल्ट
पिछले साल बिहार में 10वीं की परीक्षा में कुल 15,58,077 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें 7,52,685 लड़के और 8,05,392 लड़कियां थीं। इनमें से 12,79,294 परीक्षार्थी सफल रहे, जो कुल का 83.11% हिस्सा रहा। पिछले साल इस परीक्षा में फर्स्ट डिविजन के साथ 4,70,845 छात्रों ने सफलता हासिल की थी, जिनमें 2,53,754 लड़के और 2,17,091 लड़कियां शामिल रहीं। वहीं, सेकेंड डिविजन के साथ 4,84,012 छात्र पास हुए, जिसमें 2,29,958 लड़के और 2,54,054 लड़कियां थीं, जबकि थर्ड डिविजन के साथ 3,07,792 छात्रों ने सफलता हासिल की थी, जिनमें 1,38,144 लड़के और 1,69,648 लड़कियां शामिल थीं।
इसी सोमवार 23 मार्च की दोपहर बिहार बोर्ड ने 12वीं क्लास के नतीजे घोषित किए। इस दौरान बोर्ड चीफ आनंद किशोर ने बताया कि इंटर की बोर्ड परीक्षा में इस बार कुल 13,04,200 परीक्षार्थियों में से 11,11,097 छात्र सफल रहे और यह पिछले साल कुल पास परसेंटेज 86.50% के मुकाबले कम 85.19% रहा। इस बार छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा, जहां छात्राओं का पास परसेंटेज 86.23% और छात्रों का 84.09% रहा।


