Bank of Baroda Data Leak: सरकारी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ी एक साइबर घटना सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि ग्राहकों का डेटा और कुछ अंदरूनी दस्तावेज डार्क वेब पर लीक हुए हैं. बैंक ने इस मामले में साइबर घटना की पुष्टि करते हुए फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है.
बैंक ने क्या कहा?
बैंक के मुताबिक एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से छेड़छाड़ की गई जिसकी वजह से कुछ डेटा तक बिना अनुमति के पहुंच बनाई गई. बैंक का कहना है कि घटना का समय रहते पता चल गया और तुरंत जरूरी कदम उठाए गए. बैंक ने साफ किया है कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी तरह की सेंध नहीं लगी है.
बैंक ने यह भी कहा कि मामले की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और नियमों के तहत संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. साथ ही ग्राहकों और भागीदारों की जानकारी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई गई है.
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शोधकर्ता का क्या दावा है?
साइबर शोधकर्ता श्रीकांत एल का दावा है कि लीक हुए डेटा में ग्राहकों की जानकारी, पहचान से जुड़े दस्तावेज, लोन से जुड़े कागजात और बैंक के अंदरूनी ऑडिट रिकॉर्ड शामिल हैं. उनके मुताबिक यह डेटा पहली बार 25 जुलाई को डार्क वेब मॉनिटरिंग वेबसाइट ransomware.live पर देखा गया था.
किन दस्तावेजों के लीक होने का दावा?
शोधकर्ता के अनुसार सामने आए सैंपल दस्तावेजों में अकाउंट खोलने के फॉर्म, ग्राहकों के नाम, फोटो, आधार नंबर, ब्रांच ऑडिट रिपोर्ट, लोन अप्रेजल दस्तावेज, अंदरूनी पत्राचार और विजिलेंस जांच से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
कितना बड़ा है डेटा लीक?
डेटा लीक के आकार को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. जिस वेबसाइट पर यह डेटा दिखा वहां इसे 700 GB से ज्यादा बताया गया है. वहीं कुछ भारतीय मीडिया रिपोर्ट में इसका आकार करीब 1TB बताया गया है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस घटना से कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं.
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किसने किया साइबर हमला?
अब तक किसी भी साइबर अपराधी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि साइबर शोधकर्ता का अनुमान है कि इसके पीछे TripleX नाम का एक नया हैकिंग समूह हो सकता है.
RBI और CERT-In की प्रतिक्रिया
इस मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और CERT-In की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. रिपोर्ट के मुताबिक बैंक फॉरेंसिक ऑडिट करा रहा है. वहीं अब तक बैंक ऑफ बड़ौदा ने शेयर बाजार को किसी डेटा सेंधमारी की अलग से सूचना नहीं दी है.
इस मामले में बैंक और साइबर शोधकर्ता के दावों में अंतर है. बैंक का कहना है कि मामला केवल एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट तक सीमित है और कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है. वहीं experts का दावा है कि बड़ी मात्रा में ग्राहकों का डेटा और बैंक के अंदरूनी दस्तावेज लीक हुए हैं. ऐसे में इस डेटा लीक का वास्तविक आकार और असर फॉरेंसिक जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की पुष्टि के बाद ही साफ हो पाएगा.
