बॉलीवुड में अक्सर ऐसा होता है कि लोग आते हैं और फिर अचानक इंडस्ट्री से दूरी बना लेते हैं. आज हम आपको एक ऐसी ही एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. इस एक्ट्रेस ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है. ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि कंचन हैं. सलमान खान, करिश्मा कपूर और गोविंदा जैसे स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर करने वाली कंचन ने फिल्मी दुनिया से दूर हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं वो आजकल कहां हैं और क्या कर रही हैं?
मॉडलिंग शुरू हुआ करियर
कंचन का जन्म 17 अप्रैल 1970 को हुआ था. बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था. कॉलेज के दिनों में, 1980 के दशक के आखिर में उन्होंने मॉडलिंग शुरू की, ताकि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमा सकें. इसी दौरान फिल्ममेकर सावन कुमार टाक की नजर उनके एक मॉडलिंग एड पर पड़ी. कंचन की सादगी और खूबसूरती से इंप्रेस होकर उन्होंने बिना किसी एक्टिंग एक्सपीरियंस के उन्हें अपनी फिल्म में मौका दिया.
ये भी पढ़ेंः Parent’s Day 2026: ‘माता-पिता बनने के बाद समझ आता है उनका प्यार’, पेरेंट्स डे पर काजोल का इमोशनल पोस्ट

सलमान खान संग किया डेब्यू
कंचन ने साल 1991 में सलमान खान स्टारर ‘सनम बेवफा’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. इस फिल्म में उन्होंने लीड एक्ट्रेस रुक्सार खान की करीबी दोस्त का किरदार निभाया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और इसी के साथ कंचन ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बना ली.
डेब्यू के बाद कंचन इंडस्ट्री में पहचाना हुआ चेहरा बन गईं, लेकिन उन्हें ज्यादातर सपोर्टिंग किरदार ही मिलने लगे. उनकी मासूम छवि की वजह से फिल्ममेकर्स उन्हें अक्सर दोस्त, बहन या विलेन की बेटी जैसे रोल में ही कास्ट करते थे. यही वजह रही कि वो लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपनी अलग पहचान नहीं बना सकीं.

1990 के दशक में कंचन कई सफल हिंदी फिल्मों का हिस्सा रहीं. साल 1994 में रिलीज हुई ‘अमानत’ में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ राधा का किरदार निभाया. इसके बाद ‘कुली नंबर 1’ (1995) में करिश्मा कपूर की बहन शालिनी का रोल निभाकर वो काफी चर्चा में आ गईं. फिल्म के सुपरहिट गाने ‘हुस्न है सुहाना’ में भी वो करिश्मा कपूर के साथ नजर आईं थीं. इसके अलावा कंचन ने ‘आर्मी’ (1996) में शाहरुख खान और श्रीदेवी के साथ काम किया. वहीं ‘राम और श्याम’ और ‘जुर्माना’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की.
साउथ इंडस्ट्री में आजमाई किस्मत
बेहतर किरदारों की तलाश में कंचन ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया, जहां उन्हें लीड एक्ट्रेस के तौर पर काम करने का मौका मिला. उन्होंने 1993 में मलयालम फिल्म ‘गंधर्वम’ से डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ सुपरस्टार मोहनलाल नजर आए. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और कंचन के करियर को नई पहचान मिली.
इसी दौरान कंचन ने तेलुगु फिल्म ‘प्रेमा पुस्तकम’ में चरित्रा का किरदार निभाया. कंचन की एक्टिंग को दर्शकों और समीक्षकों ने काफी सराहा, जिसके लिए उन्हें नंदी स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
इस वजह से छोड़ी इंडस्ट्री
1990 के दशक के आखिर तक कंचन को फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे. साउथ इंडस्ट्री में नई एक्ट्रेसेस की एंट्री से मुकाबला बढ़ गया, वहीं बॉलीवुड भी तेजी से बदल रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो फिल्मों में बढ़ते बोल्ड किरदारों और आइटम सॉन्ग्स के ट्रेंड से कंफर्टेबल नहीं थीं. ऐसे में उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स करने के बजाय एक्टिंग छोड़ने का फैसला किया जो उन्हें पसंद नहीं थे.

ये भी पढ़ेंः सुपरस्टार रजनीकांत के जीवन पर बनेगी बायोपिक? खुद अपनी कहानी लिख रहे हैं एक्टर
अब क्या कर रही हैं एक्ट्रेस?
आज कंचन मुंबई में शांत जिंदगी जी रही हैं और लाइमलाइट से पूरी तरह दूर हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक स्थानीय संस्थान में ड्रामा टीचर के तौर पर काम कर रही हैं और नई पीढ़ी को एक्टिंग की बारीकियां सिखा रही हैं.

