90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने अपने करियर में बॉलीवुड के साथ-साथ कई साउथ इंडस्ट्री में भीकाम किया है. दोनों इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने का एक्सपीरियंस रखने वाली सोनाली ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री को लेकर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें तेलुगु सिनेमा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से ज्यादा ऑर्गनाइज्ड लगता है और इसकी वजह भी बताई.
‘हिंदी से ज्यादा ऑर्गनाइज्ड है तेलुगु सिनेमा’
मैशेबल इंडिया से बातचीत में सोनाली बेंद्रे ने हिंदी और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के अपने अनुभव साझा किए. उनसे पूछा गया कि तेलुगु और हिंदी फिल्मों के सेट पर उन्हें सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस हुआ.
इस पर सोनाली ने कहा, ‘उस समय तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री हिंदी फिल्मों के मुकाबले कहीं ज्यादा ऑर्गनाइज्ड थी. वहां स्क्रिप्ट पहले से तैयार रहती थी, सीन पहले से प्लान होते थे. जबकि हिंदी सिनेमा में मैंने ऐसी फिल्मों में भी काम किया है, जहां सेट पर ही स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी. यही दोनों इंडस्ट्री के बीच सबसे बड़ा अंतर था. हां, खाने का फर्क भी था.’

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सोनाली ने आगे कहा कि तेलुगु फिल्में हमेशा से बड़े स्तर पर बनती रही हैं. उनका बजट, उनका स्केल और पूरी प्लानिंग काफी बड़ी होती है, जो उन्हें हिंदी फिल्मों से अलग बनाती है.
बता दें, हाल ही में एक्ट्रेस काजल अग्रवाल ने भी शुभांकर मिश्रा को दिए इंटरव्यू में कहा थी कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ भी वक्त पर नहीं होता है. जबकि साउथ में टाइम के हिसाब से काम किया जाता है.
सोनाली बेंद्रे का फिल्मी करियर
सोनाली बेंद्रे ने साल 1994 में गोविंदा के साथ फिल्म ‘आग’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने’दिलजले’,’मेजरसाब’,’डुप्लीकेट’, ‘सरफरोश’और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी कई फिल्मों में काम किया. हिंदी के अलावा एक्ट्रेस ने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मराठी फिल्मों में भी काम किया.
तेलुगु सिनेमा में महेश बाबू के साथ ‘मुरारी’, चिरंजीवी के साथ ‘इंद्र’ और नागार्जुन के साथ ‘मनमधुदु’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया. हाल ही में एक्ट्रेस सीरीज ‘राख’ में नजर आई हैं.

