
Non Veg Food Prices: अगर आप नियमित रूप से अंडे, चिकन, मछली या अन्य नॉन-वेज खाते हैं, तो आने वाले दिनों में अब आपकी जेब पहले के मुकाबले ज्यादा ढीली पड़ सकती है. हाल के महंगाई के आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में प्रोटीन से भरपूर खाने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऐसे में फिलहाल लोगों को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है. एक्सपर्टों का कहना है कि पोल्ट्री फीड की बढ़ी हुई लागत और सप्लाई से जुड़े कारणों की वजह से इनकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
किन चीजों की कीमत सबसे ज्यादा बढ़ी?
- जून में अंडे, मांस और मछली की कीमतों में पिछले महीने की तुलना में 1.35% की बढ़ोतरी हुई.
- अंडों के दाम में 3.71% की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई.
- गोमांस और भैंस के मांस की कीमतें 3.41% बढ़ीं.
- मछली और झींगा के दाम में 2.9% महंगे हुए.
- चिकन, मतन के मांस और अन्य नॉन-वेज उत्पाद भी महंगे हुए हैं.
- मांस, मछली और अंडे की श्रेणी में कुल महंगाई दर 8.79% तक पहुंच गई.

सालाना आधार पर कितनी बढ़ी महंगाई?
- गोमांस और भैंस के मांस की महंगाई 12.3% तक पहुंच गई.
- चिकन की कीमतों में 10.83% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
- मछली और झींगा 7.7% महंगे हुए.
- बकरी और भेड़ के मांस की महंगाई 7.25% है.
- वहीं अंडों की कीमतों में 6.45% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई.
महंगाई बढ़ने की क्या है वजह?

- पोल्ट्री फीड की लागत अभी भी ऊंची बनी हुई है.
- उत्पादन और सप्लाई पर बढ़ते खर्च का असर कीमतों पर पड़ रहा है.
- प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों की मांग लगातार बनी हुई है.
क्या आने वाले दिनों में मिलेगी राहत?
फिलहाल बताया जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों तक अंडे, चिकन और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की कीमतों में बड़ी गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है. आमतौर पर लोग श्रावण और अन्य त्यौहारों के दौरान नॉन-वेज खाने से परहेज करते हैं. ऐसे में आपको इनकी मांग कम होने के कारण कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है. लेकिन फिलहाल आपको इनके महंगे दामों का सामना करना पड़ सकता है.
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