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8 साल की उम्र में शुरू किया गाना, ‘जय हो’ से जीता ऑस्कर… जानें- सुखविंदर सिंह का शानदार सफर

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पॉपुलर सिंगर सुखविंदर सिंह 18 जुलाई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करने वाले हैं. उन्होंने अपने गानों से लाखों दिलों में खास जगह बनाई और ऑस्कर तक पहचान हासिल की. उन्होंने अब तक कई गाने गाए, जो कई सालों से सुनने वालों के प्लेलिस्ट में शामिल हैं. इसी बीच आइए सुखविंदर के सफर के बारे में डिटेल में जानते हैं. 

8 साल में मंच पर गया गाना

18 जुलाई 1971 को अमृतसर में जन्मे सुखविंदर ने सिर्फ 8 साल की उम्र में ही मंच पर गाना शुरू कर दिया था. जब सुखविंदर ने साल 1970 की फिल्म ‘अभिनेत्री’ के ‘सा रे गा मा पा’ गाने को गाया था, तब उन्होंने खूब तारीफें बटोरी और दर्शकों को हैरान कर दिया था. इतना ही नहीं, उन्होंने 13 साल में ही पॉपुलर सिंगर मलकीत सिंह के लिए सदाबहार भांगड़ा गीत ‘तूतक तूतक तूतिया’ की धुन तैयार की थी, जो आज भी बहुत सुना जाता है.

8 साल की उम्र में शुरू किया गाना, 'जय हो' से जीता ऑस्कर... जानें- सुखविंदर सिंह का शानदार सफर

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ए आर रहमान संग किया काम

उन्होंने गुरु प्रोफेसर बीएस नारंग से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली और मुंबई में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ ‘म्यूजिक अरेंजर’ का काम शुरू किया. बाद में उन्होंने भारत छोड़कर इंग्लैंड और अमेरिका में जाकर म्यूजिक की कलाओं को सीखा और समझा, जिससे उनके करियर को एक नई उड़ान मिली. भारत वापस आने के बाद वो ए आर रहमान के साथ जुड़े.
8 साल की उम्र में शुरू किया गाना, 'जय हो' से जीता ऑस्कर... जानें- सुखविंदर सिंह का शानदार सफर

उन्होंने ‘थैया थैया’ नाम का म्यूजिक बनाया था, जिससे ए आर रहमान ने गुलजार ने बुल्ले शाह की सूफी कविता से लिरिक्स बनाए. तब उनकी जोड़ी ने 1998 की फिल्म ‘दिल से’ का ‘छैया छैया’ गाना बनाया, जो आज भी बहुत पॉपुलर है. 

सुखविंदर को मिले अवॉर्ड्स

इसके अलावा ‘छैया छैया’ गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल ब्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला. वहीं 2007 में आई ‘चक दे इंडिया’, 2008 की ‘हौले हौले’ को भी अवॉर्ड मिले. हालांकि उनके ‘जय हो’ गाने ने ऑस्कर और ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रौशन किया. फिर 2014 की ‘बिस्मिल’ के लिए भी उन्हें नेशनल पुरस्कार मिला. आज के समय में जहां कई सिंगर्स ऑटो ट्यून का इस्तेमाल करते हैं, वहां सुखविंदर सिंह की आवाज ही दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए काफी हैं. 

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